श्यामगंज और पटेल चौक से चौकी चौराहे की ओर सड़क पर शुरू हुई खोदाई
बरेली। करीब दो साल हो गए, न सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो पाया और न शहरवासियों की मुसीबतों का अंत। अब स्मार्ट सिटी के तहत एबीडी एरिया में बिजली की लाइनों को भूमिगत करने के साथ सड़कें बनाने के काम की शुरुआत कर दी गई है लिहाजा अंदेशा है कि कम से कम अगला एक साल और भी ज्यादा मुसीबत भरा साबित होगा।
स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के लिए सड़कों की नए सिरे से खोदाई के साथ शहर में जाम, गड्ढों और धूल के गुबारों का नया दौर शुरू हो गया है। कई जगह इसकी वजह से एक बार फिर जाम के हालात बनने लगे हैं। सीवर लाइन बिछाने के लिए शहर की सड़कें पहले ही करीब दो साल से उधड़ी पड़ी हैं। फिर भी यह काम जल्द पूरा होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। अब एबीडी एरिया में स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के लिए सड़कों की खोदाई शुरू हो गई है। भूमिगत लाइनें बिछाने के साथ इन सड़कों का नए सिरे से निर्माण कराया जाना है। सीवर लाइन का काम पूरा होने से पहले ही स्मार्ट सिटी के काम शुरू होने से नई दिक्कतें सामने आने लगी हैं।
स्मार्ट सिटी के तहत पटेल चौक से चौकी चौराहे की ओर जाने वाली सड़क की एक लेन पर खोदाई शुरू की गई है। यहां निकल रही मिट्टी को सड़क किनारे ही इकट्ठा किया जा रहा है जिसकी वजह से कई दिन से यहां जाम लग रहा है। इसी तरह श्यामगंज में भी पेट्रोल पंप के सामने खोदाई शुरू कर दी गई है। पूरे सिविल लाइंस में खोदाई होनी बाकी है।
स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समय में ही काम पूरे किए जाएं। - भूपेश कुमार सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी
142.31 करोड़ से तीन चरणों में बनेंगी स्मार्ट सड़कें
एबीडी एरिया में स्मार्ट सिटी के तहत तीन चरणों में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए तीन अलग-अलग कंपनियों को काम दिया गया है। अफसरों ने इसकी शुरुआत भी करा दी है। पहले चरण में 61 करोड़ 51 लाख की लागत से सड़कों का निर्माण होना है। इसमें नावल्टी चौराहे से पटेल चौक, पटेल चौकसे चौपुला चौराहा, बरेली कॉलेज से पटेल चौक, पटेल चौक से चौकी चौराहा, गांधी उद्यान से श्यामगंज चौराहा, चौकी चौराहे से गांधी उद्यान, श्यामगंज से सेटेलाइट बस स्टैंड तक सड़क निर्माण होगा। दूसरे चरण में 63 करोड़ 69 लाख की लागत से चौपुला चौराहे से चौकी चौराहा, चौपुला चौराहे से बरेली जंक्शन, बटालियन गेट से सेटेलाइट, चौकी चौराहे से हेड पोस्टऑफि स, चौकी चौराहे से बरेली जंक्शन, चौकी चौराहे से बरेली कॉलेज गेट और पटेल चौक से रामपुर बाग चौराहे तक सड़क बनाई जाएंगी। तीसरे चरण में 17 करोड़ 11 लाख की लागत से आंतरिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
चुनाव का दबाव फिर भी जल निगम पर नहीं चल रहा जोर
लगभग पूरे शहर में मुसीबतों से जूझते लोगों को जिला प्रशासन कई बार दिलासा दे चुका है कि जल्द ही शहर की सड़कें चमचमाती नजर आएंगी लेकिन ये दावे पूरे होने में नहीं आ रहे हैं। सीवर लाइन बिछाने का काम जल निगम इस कदर लेटलतीफी से करा रहा है कि वे पूरे होने में नहीं आ रहे हैं। मानकों का पालन न किए जाने की वजह से शहर के पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है। अब शासन का दबाव है कि विधानसभा चुनाव से पहले शहर की हालत दुरुस्त की जाए लिहाजा अफसरों ने स्मार्ट सिटी के काम भी शुरू करा दिए हैं। ये काम विधानसभा चुनाव से पहले पूरे होंगे या नहीं, यह कहना तो मुश्किल है लेकिन फिलहाल इसकी वजह से सड़कों पर लोगों की मुश्किलें और बढ़ने लगी हैं।
ऐसे विकास से तौबा...
जल निगम ने शहर के लोगों के लिए बहुत ज्यादा दिक्कतें बढ़ा दी हैं। जहां सीवर लाइन बिछा दी गई है, वहां भी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। हर तरफ जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। -राजीव कुमार, सिटी स्टेशन रोड
अफसरों ने तमाम दावे किए मगर चौपुला पुल का काम तय समय में पूरा नहीं हो पाया। सर्विस रोड का हाल भी बेहद खराब है। दो सालों से इस इलाके में भीषण जाम और प्रदूषण की दिक्कतें झेल रहे हैं। -संजय वर्मा, चौपुला
एक साल से किला रोड पर काम चल रहा है। सीवर लाइन के लिए खोदाई पूरी होने के बाद भी एक ही लेन पर यातायात चल रहा है। कितनी दिक्कत होती है, यह बताना मुश्किल है। घंटों जाम में फंसे रहते हैं। -सारिका, छात्रा किला
ईसाईयों ती पुलिया से खुर्रम गौटिया तक सड़क का निर्माण छह महीने में भी पूरा नहीं हो पाया है। प्रभा टॉकीज के पास नई सड़क बैठ गई लेकिन अधिकारी नहीं देख रहे हैं। कहने को विकास हो रहा है लेकिन बहुत भारी पड़ रहा है। -परमिंदर, व्यापारी