कुतुबखाना स्थित बिजली उपकेंद्र पर पुलिस तैनात
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बरेली में बिजली कर्मियों की हड़ताल का असर अब दिखने लगा है। बल्लिया, भमोरा, फतेहगंज पूर्वी, पढ़ेरा, भोजीपुरा और मढ़ीनाथ स्थित 33 केवी उपकेंद्र शुक्रवार को अलग-अलग समय में फाल्ट के चलते ब्रेकडाउन पर चले गए। इसके चलते 40,000 से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों की बिजली गुल हो गई। शाम पांच बजे तक फाल्ट ठीक नहीं हो सके थे। अधिकारियों के वैकल्पिक व्यवस्था के दावे फेल साबित हुए। बिजली और पानी के लिए उपभोक्ता दिनभर तरसते रहे।
अधिकतर अभियंताओं और कर्मचारियों के सीयूजी नंबर बंद रहे। जो कर्मचारी काम कर रहे हैं, उनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं होने से परेशान उपभोक्ता जोन कार्यालय के कंट्रोल रूम में संपर्क करते रहे। वहां से भी उन्हें कोई रेस्पांस नहीं मिला। उन्हें संबंधित क्षेत्र के जेई का नंबर नोट कराने के बाद कंट्रोल रूम के कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य की इति-श्री कर ली। लखनऊ के कंट्रोल रूम में कॉल करने पर उपभोक्ताओं को बरेली के कंट्रोल रूम का नंबर दे दिया गया, लेकिन फाल्ट सही नहीं हुए।
कहां, कब बंद हुई आपूर्ति
उपकेंद्र - समय
भमोरा - 11:30 बजे
बल्लिया - 11:30 बजे
मढ़ीनाथ - 8.09 बजे
फतेहगंज पूर्वी -12 बजे
मीरगंज - 11 बजे
पढ़ेरा - नौ बजे
भोजीपुरा - आठ बजे
दफ्तर बंद, सूने रहे बिल काउंटर
बरेली जोन में 20 विद्युत वितरण खंड हैं। अधिकतर खंडों और उप खंडों में बिल काउंटर बंद रहे। सुभाषनगर, सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन उप केंद्रों और एसडीओ दफ्तरों से उपभोक्ता लौटते रहे। करीब तीन करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
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कुतुबखाना में टीजी टू और कुछ संविदाकर्मी काम कर रहे थे, लेकिन अधिकतर स्थानों पर हड़ताल का व्यापक असर दिखा। मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में लिपिक धरना दे रहे थे। उनकी कुर्सियां खाली पड़ी थीं। घर-घर जाकर बकाया वसूली करने वाले कर्मचारी भी आंदोलित रहे।
उपकेंद्रों पर पुलिस बल तैनात, हड़ताल न करने का दबाव
उपकेंद्रों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधीक्षण अभियंता हड़ताल में शामिल नहीं हुए हैं। मुख्य अभियंता आंदोलन की पल-पल खबर ले रहे हैं। हड़ताल पर गए कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों ने समझाया और व्यवस्था सुचारू बनाए रखने का आग्रह किया, लेकिन अधिकतर कर्मचारियों ने इसे ठुकरा दिया। मुख्य अभियंता कार्यालय में ही हड़ताली कर्मचारियों ने दिन भर नारेबाजी करते हुए मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
राजेंद्रनगर में फुंका ट्रांसफार्मर, 350 घरों की बिजली बंद
राजेंद्र नगर में एक निजी अस्पताल के पास लगा 250 केवीए का ट्रांसफार्मर दोपहर डेढ़ बजे फुंक गया। इससे 350 घर, अस्पताल और व्यापारिक प्रतिष्ठान अंधेरे में डूब गए। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी। आंवला-भमोरा के बीच हाईटेंशन लाइन का खंभा टूटने से भमोरा, बल्लिया, अल्टुआ उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो गई। मुख्य अभियंता का कहना है कि निजी कंपनी के कर्मचारियों को लाइन ठीक करने के लिए लगाया गया। आपूर्ति जल्दी बहाल होगी।
मुख्य अभियंता राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जोन के 20 वितरण खंडों में कुल 4612 कर्मचारी और अभियंता हैं। इसमें से 2589 कर्मचारी व अभियंता हड़ताल पर हैं। मुख्यालय को अवगत कराया गया है। निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।