नवरात्र और अष्टमी पर पूरे दिन जगह जगह बिजली गुल रही, इससे पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हुई। बेहाल लोग एसडीओ से फोन पर संपर्क करते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुराना शहर, राजेंद्र नगर समेत विभिन्न स्थानों पर काम कराया, इससे हजारों उपभोक्ता देर शाम तक बेहाल रहे।
सूचना देना अनिवार्य: अगर चार घंटे से ज्यादा बिजली गुल रखना है तो इसकी पूर्व जानकारी विभाग द्वारा दी जानी चाहिए। विभाग ने इसके लिए एसडीओ जिम्मेदार बनाए हैं। स्थिति यह है कि पुराना शहर, रामवाटिका, सिंधुनगर, सेमलखेड़ा, माडल टाउन, नई बस्ती, माधोबाड़ी, गंगापुर, सिकलापुर आदि इलाकों में पिछले कई दिनों स्थिति बदतर बनी हुई है। गुरुवार में पाश कालोनी राजेंद्रनगर, प्रभात नगर, प्रेमनगर, गांधी नगर, प्रियदर्शनी नगर, एकता नगर आदि तमाम इलाकों में पूरे दिन सप्लाई गुल रही। इन इलाकों में एसडीओ ने पूरे दिन बिना बताए काम कराया, इससे तमाम इलाकों में पेयजल सप्लाई प्रभावित रही।
गुरुवार सुबह से शाम तक सिर्फ एक घंटे ही कटौती हुई थी। इन इलाकों में सुबह से शाम तक सप्लाई गुल रही। उधर, अधिशासी अभियंता नंदलाल ने कहा है कि बिना बताए काम कराना अनुचित है, इससे पब्लिक प्रभावित होती है। संबंधित एसडीओ से जवाब तलब होगा।
पेयजल सप्लाई प्रभावित
एसडीओ की लापरवाही से नवरात्र पर हजारों लोग परेशान रहे। गुरुवार सुबह से ही हवन और कन्या भोज आदि कार्यक्रम घर घर होने लगे थे। मंदिरों पर भी भारी भीड़ थी, इस बीच पौने पांच बजे कटौती शुरू हो गयी। सुबह नौ बजे से जगह जगह ट्रांसफार्मर और लाइनों पर काम शुरू हो गया। पुराना शहर में सिविल लाइंस उपकेंद्र सेे पोषित इलाकों में सप्लाई गुल हो गयी। इससे पेयजल सप्लाई अस्तव्यस्त रही।