बरेली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मंगलवार को पुलिस लाइन में चुनाव ड्यूटी के संबंध में एडीजी समेत अन्य अधिकारियों ने ब्रीफिंग की। इस दौरान एडीजी का सर्वाधिक फोकस कर्मचारियों को कोविड संक्रमण से बचाने संबंधी जागरूकता पर रहा लेकिन सामने बैठे तमाम पुलिसकर्मी कोविड नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। तमाम पुलिसकर्मी यहां बिना मास्क नजर और उनके बीच सामाजिक दूरी भी दरकिनार थी। जब नाश्ता बंटा तो पुलिसकर्मी ऐसे टूट पड़े, जैसे कोरोना का संक्रमण खत्म हो चुका हो।
कोरोना संक्रमण विकराल रूप ले रहा है और संक्रमितों की संख्या में हर दिन तेजी से इजाफा हो रहा है। एक दिन बाद यानी 15 अप्रैल को पंचायत चुनाव का मतदान है। ऐसे में अधिकारी चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को लेकर सर्वाधिक चिंतित हैं, क्योंकि अगर ज्यादा कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए तो चुनाव कराना भी मुश्किल हो जाएगा। इसके चलते मंगलवार को पुलिस लाइन में चुनाव ड्यूटी की ब्रीफिंग के दौरान एडीजी अविनाश चंद्र समेत सभी अधिकारियों का फोकस कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने पर रहा।
एडीजी ने अपनी बात की शुरुआत पुलिसकर्मियों की सुरक्षा से की। उन्होंने कहा कि सभी को मास्क और सैनिटाइजर दिया जा रहा है, मेस में भाप लेने की भी व्यवस्था की गई है। सभी मास्क लगाकर ड्यूटी करें और सामाजिक दूरी का पालन करें। डीएम नितीश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य सर्वोपरि है। अगर किसी को कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल अपने अधिकारी को सूचित करें मगर कोई भी इसका गलत लाभ लेने की कोशिश न करे। वहीं, दूसरी ओर पुलिसकर्मियों में अफसरों की बातों को लेकर बिल्कुल भी संजीदगी नजर नहीं आई। पंडाल में सभी पुलिसकर्मी एक दूसरे से सटे बैठे थे, जिनमें से तमाम ने मास्क भी नहीं लगा रखा था। पंडाल के पीछे की ओर खड़े पुलिसकर्मियों में भी सामाजिक दूरी कहीं नजर नहीं आई। ब्रीफिंग समाप्त होने के बाद मंच से उद्घोषणा की गई कि सभी लोगों को उनके स्थान पर ही नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। मगर इसके बाद सभी बेसब्र हो गए और जहां नाश्ता बांटा जा रहा था, वहां भीड़ जमा हो गई। नाश्ता पाने के लिए सभी एक-दूसरे पर चढ़े जा रहे थे।
गांव में दावत सत्कार से दूर रहें पुलिसकर्मी
एडीजी ने कहा कि सभी अपने ड्यूटी कार्ड पर लिखे दिशानिर्देशों को भलीभांति पढ़ लें। पोलिंग पार्टियों के साथ बुधवार को उन्हें मतदान स्थल पर रवाना होना है। वहां पहुंचकर रात में ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर लें। गांव वालों की सेवा सत्कार से दूर रहें, क्योंकि वे सभी किसी न किसी के समर्थक होते हैं और इसके कारण निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। मतदान शुरू होने से एक घंटा पहले ही ड्यूटी के लिए सक्रिय हो जाएं।
जब तक सशस्त्र बदमाश हमला न करें, फायरिंग नहीं
एडीजी सुरक्षा को लेकर समझाया कि सशस्त्र पुलिसकर्मी किसी को अपने पास न फटकने दें ताकि आपात स्थिति में उनका असलाह सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि फायरिंग तभी करनी है, जब सशस्त्र बदमाश बूथ में घुसकर हमला करें और मतदान पेटी लूटने की कोशिश करें। अगर कोई खाली हाथ व्यक्ति बूथ में घुसकर बैलेट बॉक्स लूटने की कोशिश करता है या उसमें स्याही डालता है तो फायरिंग नहीं की जाए क्योंकि जान की कीमत ज्यादा है और उस बूथ पर दोबारा कराया जा सकता है। उन्होंने मतदान केंद्र की छत पर भी सशस्त्र पुलिस तैनात करने की बात कही।
प्रशिक्षु सिपाही ने खोली व्यवस्था की पोल
आईजी रमित शर्मा ने भी पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सबको समझाने के साथ ही सवाल किया कि अगर किसी को कुछ समझ न आया हो तो सवाल कर सकता है। इस पर एटा निवासी प्रशिक्षु सिपाही बृजेश कुमार पीछे से चलकर मंच के सामने पहुंच गया। सिपाही ने कहा कि अब तक उसे ड्यूटी कार्ड ही नहीं मिला है। इस पर आईजी ने बताया कि कुछ देर बाद ड्यूटी कार्ड मिल जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को बैरियर और चौकियों पर लगाया गया है। इस दौरान चुनाव के नोडल अफसर एवं एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।