दिन भर परिजन नहीं पहुंचे देखने, पुत्र को पुलिस ने हिरासत में लिया
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बारादरी के सूफीटोला में बुजुर्ग को घर में बंधक बनाकर पीटने का मामला
बरेली। घर में बंधक 70 वर्षीय अखलाक को मुक्त कराने के बाद मोहल्ले वालों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। मगर दिन भर कोई भी परिजन उन्हें देखने नहीं पहुंचा। वहीं, उनके बेटे सरफराज को हिरासत में लेकर शांतिभंग में चलान कर दिया गया है।
सोमवार रात सूफी टोला में अखलाक की चीखें सुनकर मोहल्ले वाले सीढ़ी लगाकर उनके घर में घुसे तो वह घायल अवस्था में बंधे पड़े मिले। लोगों ने उन्हें मुक्त कराकर बाहर निकाला तो वह बेहोश हो गए। इस पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। मंगलवार को होश आने पर अखलाक ने कहा कि बेटा सरफराज उन्हें पीटता है और मकान अपने नाम करने का दबाव बनाता है। आरोप लगाया कि मना करने पर उनके हाथ पैर बांधकर फावड़े और सरिया से मारा, जिससे वह जख्मी हो गए। परिवार के अन्य लोगों पर भी बेटे का साथ देने का आरोप लगाया। कहा कि पड़ोसी न आते तो उनकी मौत निश्चित थी। इस पर पुलिस ने उनके बेटे अखलाक को हिरासत में लेकर शांतिभंग में चालान कर दिया है। सरफराज का कहना है कि उनके पिता नशेड़ी प्रवृत्ति के हैं। अब बारादरी पुलिस मानसिक अस्पताल में इसकी पुष्टि कराएगी।
जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग ने खुद को निर्माणाधीन मकान में बंद कर रखा था। बेटे का कहना है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इलाज के लिए मानसिक अस्पताल ले जाने के कारण हाथ-पैर बांधे थे। शांतिभंग की आशंका को देख उनके बेटे समेत दो का चालान किया गया है। - रवींद्र कुमार, एसपी सिटी