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Curfew in Bareilly : कानपुर हिंसा का असर, एहतियात के तौर पर बरेली में कर्फ्यू लागू

Sun, 05 Jun 2022 06:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली

सार

मुस्लिम धर्मगुरु तौकीर रजा द्वारा घोषित 10 जून को होने वाले विशाल विरोध प्रदर्शन से पहले बरेली प्रशासन ने कानपुर हिंसा के बाद और एहतियात के तौर पर धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगा दिया है।
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बरेली में कर्फ्यू - फोटो : ani
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विस्तार
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कानपुर में हुई हिंसा का असर यह हुआ है कि बरेली में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। मुस्लिम धर्मगुरु तौकीर रजा द्वारा घोषित 10 जून को होने वाले विशाल विरोध प्रदर्शन से पहले बरेली प्रशासन ने कानपुर हिंसा के बाद और एहतियात के तौर पर धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगा दिया है। प्रशासन के ओर से जारी आदेश के मुताबिक किसी भी जगह पर पांच से अधिक लोग जमा नहीं हो पाएंगे। इस दौरान किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जाएगी। 
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उधर, कानपुर में बवाल के बाद बेकनगंज क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस, पीएसी के साथ आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है। लगातार इलाके में गश्त जारी है। पुलिस कमिश्नर, डीएम, डीसीपी समेत अन्य पुलिस के अधिकारी रूट मार्च कर तनाव को कम करने के प्रयास में जुटे हैं।

बवाल का असर इलाके पर पड़ा है। शनिवार को अधिकतर बाजार बंद रहा। जो दुकानें खुलीं तो वहां पर ग्राहक नजर नहीं आए। गलियों में भी सन्नाटा पसरा रहा। बवाल के बाद से ही नई सड़क, दादामियां का चौराहा, यतीमखाना, चमड़ा बाजार समेत पूरा इलाका छावनी बना हुआ है। घुड़सवार पुलिस भी पेट्रोलिंग करती नजर आई।
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पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना, डीएम नेहा शर्मा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी समेत सभी पुलिस कर्मी घटनास्थल पर मौजूद रहे। बीच-बीच में यह अफसर रूट मार्च करते हुए नजर आए। लोगों को समझाया भी कि वह किसी भी तरह के बवाल में न फंसे। अपने रूटीन काम पर ध्यान दें। अफवाहों पर ध्यान न दें।

शासन ने भेजे तीन आईपीएस अफसर 

बवाल के बाद शासन ने तीन आईपीएस अफसरों को शहर भेजा है। जिसमें डॉ. अजय पाल शर्मा, चारू निगम और अविनाश पांडेय शामिल हैं। घटना स्थल पर लगातार ये अफसर मौजूद रहे। अपने स्तर से यह अफसर जानकारी जुटा रहे हैं। गोपनीय रिपोर्ट भी शासन को सौंपेंगे। सूत्रों के मुताबिक घटना में शामिल उपद्रवियों व साजिशकर्ता संबंधी रिपोर्ट होगी। इसके अलावा क्या-क्या लापरवाही रही उसकी गोपनीय रिपोर्ट शासन को अफसर सौंपेंगे।
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