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लो जी हो गए कॉन्वेंट

Sat, 04 Apr 2015 12:45 AM IST
बरेली
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 बेसिक शिक्षा परिषद ने कॉन्वेंट स्कूलों की देखादेखी इस बार एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र तो शुरू कर दिया लेकिन बुधवार को पहले ही दिन कहीं स्कूलों में ताले लटके रहे तो कहीं स्कूल खुले लेकिन किताबें न होने की वजह से पढ़ाई नहीं हो पाई। स्कूल पहुंचे बच्चे कुछ उछलकूद मचाकर लौट गए। कुछ स्कूलों में नए एडमीशन जरूर हुए।
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शहर के अलावा आसपास के कई स्कूलों का नए शिक्षा सत्र के पहले दिन ताला ही नहीं खुला। इनमें तनउआ का स्कूल भी शामिल था जहां चार सालों से कोई शिक्षक तैनात नहीं है, न यहां एक भी बच्चे का पंजीकरण हैं। हमेशा की तरह यहां बुधवार को भी ताला पड़ा रहा। इसी तरह खड़उआ में दो जूनियर हाईस्कूल की जिम्मेदारी एक ही प्रधानाध्यापक पर है। शहर और आसपास के इलाकों में करीब दर्जन भर स्कूलों में इस बार प्रमोशन और दूसरे कारणाें से अभी तक कोई शिक्षक तैनात नहीं किया गया है। ये स्कूल भी नए शिक्षा सत्र में खाली पड़े रहे।

बच्चों ने निभाई जिम्मेदारी
विभागीय अफसर और शिक्षकों ने भले ही नए शिक्षा सत्र को उत्साह से न लिया हो लेकिन बच्चों ने जरूर जिम्मेदारी निभाई। पहले से पंजीकृत बच्चों से अपील की गई थी कि वे अपने जान-पहचान के सभी बच्चों का दाखिला कराएं। लिहाजा कई बच्चे अपने संगी-साथियों को लेकर स्कूल में एडमीशन दिलाने पहुंचे। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि जसोली में पहले दिन 10 बच्चाें का दाखिला कराया। हरुनगला प्राइमरी स्कूल की शिक्षक रजिया सुल्ताना और कुंती गंगवार ने बताया कि वे खुद बच्चाें को साथ लेकर उनके इलाके में गईं। कई बच्चों ने गुरुवार को अपने दोस्ताें को दाखिले के लिए लाने का वादा किया है।
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