बरेली। प्रमुख सचिव के सख्त निर्देशों के बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय स्कूलों में ठंड से ठिठुर रहे बच्चों को अब तक स्वेटर वितरित नहीं कर सका है। 30 नवंबर को वितरण के आखिरी दिन तक अफसर सिर्फ 10 प्रतिशत स्वेटर ही बंट पाने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने ठेकेदार की ओर से स्वेटर की मानकों के अनुसार सप्लाई प्रक्रिया बेहद सुस्त होने की बात कही है। हालांकि, अफसरों का दावा है कि करीब 15 दिनों में जिले में स्वेटर वितरण शतप्रतिशत कर दिया जाएगा।
जिले के परिषदीय स्कूलों के सवा तीन लाख बच्चों को मानकों के अनुसार स्वेटर वितरण का आदेश शासन ने करीब दो माह पहले दिया था। हालांकि, तब तक यूनिफॉर्म का वितरण नहीं हो सका था। लिहाजा, स्वेटर वितरण की आखिरी तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई। पिछले दिनों प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने भी समीक्षा बैठक में स्वेटर वितरण की सुस्त प्रगति पर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के पेच कसे थे। उन्होंने हर हाल में 30 नवंबर तक शत प्रतिशत स्वेटर वितरण का आदेश दिया था। अफसरों ने ठेकेदार की ओर से सप्लाई में समस्या होने की बात कही थी। इस पर प्रमुख सचिव ने उसका ठेका निरस्त कर तत्काल नए सिरे से टेंडर कराने का भी निर्देश दिया था, लेकिन अफसर लापरवाह बने रहे। नतीजा, वितरण की आखिरी तारीख भी बीत गई और जिले में 10 प्रतिशत स्वेटर भी वितरित नहीं हो सके हैं। अफसर और ठेकेदार की सांठगांठ का खामियाजा जिले के तीन लाख से अधिक बच्चे भुगत रहे हैं। इस मामले में जानकारी के लिए बीएसए तनुजा त्रिपाठी को कॉल की गई लेकिन उनका मोबइल स्विच ऑफ था।
गोदाम पर पहुंचे 35 हजार स्वेटर
भूड़ स्थित गोदाम पर शनिवार देर शाम करीब दो ट्रकों में भरकर 35 हजार स्वेटरों की खेप पहुंची है। इसे गिनने के दौरान करीब तीन सौ स्वेटर कम भी निकले। मौके पर मौजूद नगर शिक्षाधिकारी ने बताया कि प्राप्त स्वेटरों को क्यारा और भोजीपुरा ब्लॉक के स्कूलों में वितरण के लिए भेजा जाएगा। वहीं, अन्य ब्लॉकों के लिए भी स्वेटर की खेप जल्द भेजने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्वेटर की गुणवत्ता परखने वाली समिति की ओके रिपोर्ट मिलने के बाद स्वेटर वितरण के लिए आए हैं।
शिक्षकों पर जिम्मेदारी होती तो अफसर कर देते कार्रवाई
गोदामों पर जितनी भी तादाद में स्वेटर आए हैं, उनका वितरण कराना चाहिए, लेकिन यहां स्वेटर स्टोर तो हो रहे हैं लेकिन वितरण के लिए नहीं भेजे जा रहे हैं। शिक्षक संगठन के हरीश बाबू शर्मा ने कहा कि जितने स्वेटर अभी तक आए हैं उनका वितरण होना चाहिए। कहा, अगर स्वेटर वितरण की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती तो अब तब न जाने कितने शिक्षकों पर कार्रवाई हो गई होती। वहीं, केसी पटेल ने कहा कि बीआरसी पर स्वेटर तो पहुंच रहे हैं लेकिन वितरण की स्थिति शून्य है।