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सीट पर छात्र-छात्राओं की भीड़ मगर ‘बाबू जी’ तो अकेले में ही मिलते हैं

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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को अपने रुके हुए रिजल्ट का कारण जानने और आपत्ति का निवारण करके उसे जारी कराने के लिए इधर-उधर चक्कर काटने पड़ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कई दिनों से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विभाग में आरडी पटल पर बाबू के न बैठने की वजह से बार-बार आने के बावजूद उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं का यह भी आरोप है कि बाबू सीट पर बैठने के बजाय कहीं अलग बैठकर चहेतों के काम निपटा देते हैं।
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रशासनिक विभाग में आरडी पटल पर बृहस्पतिवार को भी तमाम छात्र-छात्राएं बाबू के आने के इंतजार में डटे हुए थे। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इस बार विभिन्न कारणों से तमाम रिजल्ट जारी नहीं किए हैं। वे लोग विश्वविद्यालय की ओर से की गई आपत्ति का विवरण जानने के लिए कई दिनों से यहां चक्कर काट रहे हैं लेकिन बाबू के अपनी सीट पर न मिलने की वजह से उनका काम नहीं हो पा रहा है। आरडी पटल के दूसरे कर्मचारी भी इस बारे में कोई जवाब नहीं देते हैं कि बाबू कहां गए हैं और सीट पर कब बैठेंगे।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों से ही उन्हें पता लगा है कि जिन छात्रों से सेटिंग हो जाती है, बाबू कहीं अलग बैठकर उनका काम कर देते हैं लेकिन सीट पर आने वाले छात्रों के साथ टालमटोल कर दी जाती है। बाबू के इस रवैये की वजह से बरेली जिले के ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों को भी घंटों इंतजार के बाद भी निराश होकर लौट जाना पड़ता है। कुछ छात्रों ने बृहस्पतिवार को इस मामले में कुलसचिव से भी मिलने की कोशिश की लेकिन कुलसचिव के अपने दफ्तर में न होने की वजह से लौट गए।
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