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Bareilly News: एसपी सिटी मानुष पारीक ने छात्राओं को पढ़ाया सुरक्षा का पाठ, साइबर अपराध से बचने के बताए उपाय

Sat, 01 Mar 2025 03:17 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को बरेली कॉलेज स्थित एमएड विभाग के सभागार में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें एसपी सिटी मानुष पारीक ने छात्राओं को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया। 
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एसपी सिटी मानुष पारीक ने साइबर सुरक्षा के बारे में बताया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लड़कियों को मनचले पहले पैदल व बाइक से पीछा करते थे। लोगों की जागरूकता व पुलिस की सख्ती से वे डरे लेकिन अपनी तुच्छ मानसिकता से बाज नहीं आए हैं। अब उन्होंने स्टॉकिंग का नया तरीका अपनाते हुए सोशल मीडिया का सहारा ले लिया है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को बरेली कॉलेज स्थित एमएड विभाग के सभागार में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि एसपी सिटी मानुष पारीक ने छात्राओं को बताया कि साइबर अपराध से बचे। 

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उन्होंने कहा कि अपराधी अब पहले की तरह लड़कियों का बाइक से पीछा नहीं करते हैं। वह स्टॉकिंग कर रहे हैं। इसका मतलब सोशल मीडिया के माध्यम से किसी की हर गतिविधि पर निगरानी करना होता है। इससे बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अज्ञात लोगों से बातचीत न करे व अकाउंट को प्राइवेट रखें। 

उन्होंने बताया कि अब समय के साथ अपराध के तरीके बदल रहें है। हर ओर केवल डिजिटल अरेस्ट के मामले आ रहे हैं। पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट का कोई कानून ही नहीं है। सभी थानों में एक साइबर सेल मौजूद है, जल्द से जल्द ही मामले की जानकारी पुलिस को दें। किसी महिला को कोई परेशान करे तो इसे सहे नहीं, बल्कि अपने परिजनों को इसकी जानकारी दे और 1090 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराए। 

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बिना हेलमेट न चलाएं बाइक
यातायात उपनिरीक्षक देवेश कुमार मिश्रा ने बताया कि दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले को हेलमेट जरूर लगाना चाहिए। कार में सीट बेल्ट का इस्तेमाल अवश्य करें। नियमों का पालन न करने के कारण हर साल कई लोग अपनी जान गवां देते हैं। ऐसे में विद्यार्थी को वाहन चलाना है तो डीएल जरूर बनवा लें। लोगों में नियमों के उल्लंघन करने केबाद बहाने बनाते मिलते है। इस दौरान प्रो. वंदना शर्मा, डॉ. सारा बसु, डॉ. अमिता, डॉ. गौसिय, डॉ. अजीता सिंह तिवारी, डॉ. अक्षय शुक्ला, डॉ. सीताराम राजपूत आदि मौजूद रहे।

कभी अनजान लिंक न खोलें
साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर घर बैठे पैसा कमाने वाली रील देखने को मिलती हैं। लालच में आकर कभी इस तरह की सूचनाओं पर विश्वास न करें। अनजान व्यक्ति से भेजे गए लिंक न खोलें। यह साइबर अपराधियों की एक चाल है। अगर किसी फ्राड की वजह से पीड़ित के खाते से रुपये निकाल लिए जाते हैं तो 24 से 72 घंटे के अंदर ही पुलिस को इसकी जानकारी दें। 

ऐसा करने से पुलिस उस खाते को फ्रीज कर वापसी करा सकती है। बताया कि आस- पास के अनजान लोगों पर लड़कियां भरोसा न करें।  प्रत्येक थाने में महिला हेल्पडेस्क है, समस्या हो तो वहां समस्या साझा कर सकती हैं। सोशल मीडिया अकाउंट में प्रोफाइल के सेफ्टी फीचर का अवश्य इस्तेमाल करें। 
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ये रहे सवाल
सवाल : मेरे फोन में फ्राड ओटीपी बार - बार आ रहें हैं, क्या करें। - अनुष्का मिश्रा  
जवाब : अगर बार- बार ऐसा होता है तो सतर्क रहने की जरूरत है। किसी की ओर से साइबर अपराध करने की कोशिश भी की जा रहीं हो सकती है। इसकी शिकायत cybercrime.gov.in  के जरिए कर सकते हैं।
सवाल: पहले किसी और के पास चल रहा नंबर अब किसी को मिल जाए तो उसपर अनजान कॉल बार- बार आती है। ऐसे में क्या कर सकते हैं। - अनुष्का 
जवाब : अनजान नंबरों को ब्लॉक कर देना चाहिए और अगर बार-बार नंबर बदल कर कोई कॉल कर परेशान करे तो उसकी  शिकायत पुलिस से करें।
सवाल : हमारे आधार पर कितने नंबर चल रहे हैं, इसको कैसे पता किया जा सकता है। - कर्णिका  
जवाब : इसकी जानकारी के लिए ऑनलाइन tafcop की साइट पर जाकर अपना नंबर डाले और ओटीपी के सहारे लॉग इन कर सभी नंबर देख सकते है। इसमें जो नंबर उनके पास नहीं है। उसे साइट पर ही तुरंत रिपोर्ट कर बंद कर सकते हैं।
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