लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रोजा क्षेत्र में बंद पड़ी एक राइस मिल में काफी समय से नकली सीमेंट का धंधा किया जा रहा था। रोजा पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर रविवार को देर रात राइस मिल पर दबिश देकर वहां से ब्रांडेड सीमेंट कंपनी की खाली बोरियों समेत नकली सीमेंट और उसे बनाने का अन्य सामान बरामद किए। मौके से चौकीदार समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ की गई।
रोजा थाना को सूचना मिली थी कि हाईवे के किनारे कई वर्षों से बंद पड़ी एक राइस मिल में नकली सीमेंट की फैक्टरी चलाई जा रही है। पुलिस को छानबीन में पता चला कि रोजा इलाके में हाईवे के किनारे बंद पड़ी एक राइस मिल मालिक पर कर्ज चढ़ा तो देनदारी से बचने के लिए मिल का नाम बदल लिया।
कुछ दिन तक राइस मिल मालिक के एक निकट संबंधी ने वहां की व्यवस्था देखी, लेकिन उसकी मौत के बाद राइस मिल बंद हो गई। पुलिस को यह भी पता चला कि बाद में मिल मालिक की भी मौत हो गई। यह राइस मिल जिस व्यक्ति को किराए पर दी गई, उसने वहां नकली सीमेंट बनाने का धंधा शुरू कर दिया।
रात में पुलिस ने राइस मिल पर छापा मारा तो वहां एक सिक्योरिटी कंपनी के जरिए नियुक्त क्षेत्र के गांव चकभिटारा निवासी चौकीदार पूरन लाल और मैगलगंज (खीरी) के एक व्यक्ति समेत पांच लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जबकि अन्य कई लोग भाग निकले।