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Bareilly News: नशे के जुनून में साथियों का ही सिर फोड़ रहे नशेड़ी

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बरेली। सूखा नशा नशेड़ियों की नसों में घुलकर उन्हें हिंसक बना रहा है। आंवला में मजदूर शरीफ अहमद की सिर कुचलकर हत्या से पहले फरीदपुर व अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं।
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शरीफ का शव जिस हालत में मिला उससे साफ लग रहा था कि हत्यारे कोई बाहर के नहीं बल्कि उसके करीबी ही हैं। देखने से लग रहा था कि हत्यारोपियों ने पहले उसके साथ नशा किया होगा। बाद में इन लोगों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा होने के बाद हाथापाई हुई होगी। तभी पास के खेत में पड़े सीमेंट पोल के टुकड़े से सिर पर हमला कर उसकी पीटकर हत्या कर दी होगी। शरीफ के कपड़े अस्त व्यस्त और मिट्टी में सने हुए थे। इससे ये भी लग रहा था कि जान बचाने के लिए शरीफ ने संघर्ष भी किया होगा।
इससे पहले फरीदपुर क्षेत्र में इसी तरह की दो घटनाएं इसी साल हो चुकी हैं। इसमें नशेड़ियों ने मामूली बात पर अपने ही साथी का सिर पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। एसपी सिटी मानुष पारीक एसपी साउथ रहते हुए फरीदपुर क्षेत्र में उन घटनाओं का पर्यवेक्षण करने भी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इन सभी हत्याओं में स्मैक, गांजे का नशा किया गया था।
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भाइयों में छोटा और अविवाहित था शरीफ
भाई शफीक ने बताया कि वह तीन भाई हैं। शरीफ उनमें सबसे छोटा और अविवाहित था। शफीक राज मिस्त्री का काम करते हैं। शरीफ पहले उनके साथ ही मजदूरी करने जाता था। बाद में वह गलत लड़कों की संगत में आकर नशे की लत में पड़ गया। वह कई तरह के नशे करने लगा था।

आक्रामकता के लिए उत्प्रेरक है नशा
जिला अस्पताल के मनोवैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक नशे से मानसिक क्षमता प्रभावित होती है। शराब, स्मैक या कोई भी मादक पदार्थ भावनाओं के लिए उत्प्रेरक का कार्य करते हैं। सही, गलत का आकलन करने की क्षमता का ह्रास होने से मामूली नोकझोंक में बड़ी घटना की आशंका रहती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
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