बरेली। पारा 40 पार पहुंचने के बाद फ्रिज का ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन सेहत बिगाड़ रहा है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में निमोनिया पीड़ित बच्चे भर्ती हो रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ ने आइसक्रीम और शीतल पेय पदार्थ के सेवन से बीमार पड़ने की आशंका जताई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, सर्दियों में ही बच्चे निमोनिया की चपेट में आते हैं। गर्मियों में टाइफाइड, वायरल बुखार, डायरिया के मामले बढ़ते हैं। हालांकि, इस वर्ष 15 अप्रैल तक तापमान सामान्य से कम रहा फिर तेजी से बढ़त दर्ज कराते हुए 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हुई।
गर्मी से राहत के लिए जो बच्चे ज्यादातर फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन कर रहे हैं। इससे शरीर के तापमान में अचानक गिरावट और गले में संक्रमण बढ़ रहा है। इलाज में देरी से निमोनिया भी हो सकता है।
जिन बच्चाें की हालत गंभीर है, उन्हें भर्ती कर रहे हैं। सोमवार को पुराना शहर की नाजरीन का एक वर्षीय बेटा रूहान अली निमोनिया की चपेट में मिला। बताया कि बच्चा वार्ड में भर्ती 26 बच्चों में 21 डायरिया और छह निमोनिया पीड़ित हैं। पूर्व में भर्ती रहे चार बच्चों को डिस्चार्ज किया गया।
तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ शुरुआती लक्षण
डॉ. संदीप के मुताबिक बच्चों को तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी जैसे लक्षण हैं तो इलाज में देर न करें। विशेषज्ञ के परामर्श पर ही दवा दें। अभिभावकों को बच्चों को अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थ न देने को कहा है। सामान्य तापमान का पानी पिलाने को कहा है। कहा कि गर्मी में भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। छोटे बच्चे, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें खतरा और ज्यादा रहता है।