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नाले किनारे की मिठाइयां खाएंगे तो बीमार ही होंगे

Sun, 22 Oct 2017 01:25 AM IST
बरेली।
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‌िममिठाइऱ्ई की दुकान
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त्योहारों से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ छापे मारने की कार्रवाई की खानापूरी करके खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के अधिकारी ऐन दिवाली और फिर भैया दूज के दिन भी छुट्टी मनाते रहे। नतीजा यह हुआ कि मिठाइयों के नाम पर बीमारियां बेचने वाली दुकानें शहर भर में जहां-तहां सज गईं। भैया दूज पर कहीं किसी ने सड़ांध मारते नाले के ही ऊपर मिठाइयाें की दुकान लगा ली तो कहीं कोई सीवर ओवरफ्लो हुए गंदे पानी के बीच दुकान सजाकर दिन भर कमाई करने में जुटा रहा। बहनों ने भी इन दुकानों से बीमारियां फैलाने वाली मिठाइयां खूब खरीदीं और बगैर यह परवाह किए भाइयों को खिला दीं कि ये उनकी सेहत के लिए कितनी खतरनाक हैं।


अग्रवाल स्वीट्स: नाले किनारे सजाई दुकान
संजय नगर इलाके में सबसे ज्यादा खुले में मिठाई बिकती दिखाई दी। यहां अग्रवाल स्वीट्स के नाम से चल रही दुकान के मालिक ने भैया दूज के लिए सामने ही नाले के किनारे सड़क पर काउंटर लगाकर मिठाइयां सजा रखी थीं। पास में ही कू ड़े का भी ढेर लगा हुआ था। बातचीत की तो बताया कि यहां 15 साल से उनकी मिठाई की दुकान है। भैया दूज पर भीड़ बढ़ती है इसलिए वह सड़क पर ही मिठाई सजा लेते हैं। बोले, ये दो-चार दिन ही तो कमाई के होते हैं, इसलिए जहां जगह मिली वहां दुकान लगा ली। 
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पटेल स्वीट्स: धूल-गंदगी के बीच बिकी मिठाई
संजय नगर रोड पर ही पटेल स्वीट्स के मालिक ने भैया दूज की वजह से अपनी दुकान को बाहर तक सजा रखा था। दुकान के बाहर ही नाला बहता है। नाले के आगे खुली मिठाइयां बेचे जाने का मतलब साफ है, बीमारियों को न्योता। यहां मिठाइयों पर पर मक्खियां भी भिनभिना रही थीं। सड़क पर गाड़ियों के गुजरने से उड़ने वाली धूल की परत भी मिठाई पर जम गई थी, लेकिन इससे बेपरवाह बहनों ने फिर भी इस दुकान से खूब मिठाई खरीदी। शायद यह सोचा ही नहीं कि यह मिठाई उनके भाइयों को बीमार बना सकती है। 

दीपक स्वीट्स: 
पुराने शहर में यूं तो मिठाई की तमाम दुकानें सड़क पर सजी हुईं थीं। कटरा चांद खां में मौर्य मंदिर से पहले स्थित मिठाई की दुकान दीपक स्वीट्स का जायजा लिया तो वहां भी दुकान के आगे नाला बह रहा था। गंदगी की परवाह किए बिना मिठाई विक्रेेता ने अपनी दुकान सड़क पर सजा रखी थी। बातचीत की तो दुकानदार का कहना था कि हम जीएसटी किसी से नहीं ले रहे हैं। इसलिए मिठाई सस्ती बेच रहे हैं। हमारे यहां 200 रुपये किलो मिठाई बिक रही है। नाले के पास गंदगी में मिठाई बेचने की बात पूछी तो चुप्पी साध गए।  
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त्योहार में चेकिंग करना मुश्किल
त्योहार के दिन किसी भी दुकान को चेक करना मुश्किल होता है। दिवाली के दिन भी व्यापारियों ने चेकिंग का विरोध कर दिया था। इसलिए शनिवार को टीमों को नहीं भेजा गया, लेकिन नालों और सड़कों के किनारे मिठाई बेचने वालों को चिन्हित कराकर कार्रवाई कराएंगे। हालांकि आम आदमी को भी जागरूक होने की जरूरत है। उन्हें सस्ती मिठाई के चक्कर में खराब और मिलावटी मिठाई नहीं खरीदनी चाहिए। यूपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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