शफीक के बेटे को बना दिया पंचायत सहायक
शफीक का बेटा पंचायत सहायक है। अगर शफीक प्रधान हैं तो उसका बेटा पंचायत सहायक कैसे बन सकता है? नियम तो यह है कि प्रधान के परिवार का कोई भी सदस्य पंचायत सहायक या रोजगार सेवक तक नहीं बन सकता। इस मामले में पंचायत सहायक पर भी गाज गिर सकती है।
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एसडीएम नवाबगंज अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि चुनाव संपन्न होने तक शफीक का नाम है और चुनाव के बाद रफीक का नाम आ गया। इसमें यही जांच होनी है कि ये नाम किसने, कैसे और क्यों बदले? जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ से भी रिपोर्ट मांगी गई है।