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अमर उजाला शिक्षा अभियान : बच्चों को अवसाद और तनाव से दूर रखेगी खेल-मनोरंजन की डोज

Sun, 27 Mar 2022 01:51 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

कोविड काल में पढ़ाई करीब दो साल तक ऑनलाइन रही। इसके बाद जब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई तो बच्चों के व्यवहार में काफी बदलाव दिखाई दिया। छोटी कक्षाओं के बच्चों में सबसे ज्यादा चिड़चिड़ापन देखने को मिला। बच्चे पूरे समय स्कूल में बैठते नहीं थे। बीच में रोने लगते थे या फिर क्लास में सवाल नहीं करते थे।
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प्रतीकात्मक
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विस्तार
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कोविड काल के बाद स्कूल लौटे बच्चों को अवसाद से उबारने के लिए एलन किड्स स्कूल की ओर से इंटरेक्टिव एंड स्किल एनहांसमेंट सेशन की शुरूआत की गई है। इसमें बच्चों को जुम्बा, मेडिटेशन, डांस समेत अन्य कई एक्टिविटी कराई जाती हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि कोविड काल के बाद बच्चों में चिड़चिड़ापन, गुमसुम रहने और अवसाद के मामले बढ़ गए थे। इनसे बच्चों को उबारने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ ये नए प्रयोग किए जा रहे हैं। ताकि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें इन समस्याओं से भी बाहर निकाला जा सके।

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कोविड काल में पढ़ाई करीब दो साल तक ऑनलाइन रही। इसके बाद जब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई तो बच्चों के व्यवहार में काफी बदलाव दिखाई दिया। छोटी कक्षाओं के बच्चों में सबसे ज्यादा चिड़चिड़ापन देखने को मिला। बच्चे पूरे समय स्कूल में बैठते नहीं थे। बीच में रोने लगते थे या फिर क्लास में सवाल नहीं करते थे। कई स्कूलों के सामने इस तरह की चुनौतिर्यां आइं। कुछ स्कूलों ने अलग-अलग तरह की एक्टिविटी के माध्यम से बच्चों को अवसाद और तनाव से निकालने के लिए प्रयास शुरू किए।

एलन किड्स स्कूल ने हाल में ही बच्चों को ऐसी परिस्थितियों से बाहर निकालने के लिए इंटरेक्टिव एंड स्किल एनहांसमेंट सेशन की शुरूआत की है। इसमें बच्चों को जुम्बा, मेडिटेशन, योग, डांस, व्यायाम और खेल कराए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए मूवी-डे भी प्लान किया गया है। इसमें उन्हें शिक्षाप्रद फिल्म दिखाई जाती है। उन्हें रोचक किस्से भी सुनाए जाते हैं। इसमें प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा तीन तक के बच्चों पर खासतौर पर फोकस किया जा रहा है।
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हैपीनेस जोन में मिलता है खुशनुमा माहौल
प्रिंसिपल सीमा सक्सेना ने बताया कि हैपीनेस जोन में बच्चों को खुशनुमा माहौल दिया जा रहा है। ताकि बच्चों को परीक्षा का दबाव महसूस न हो। पाठ्यक्रम के साथ-साथ काउंसलिंग के माध्यम से उन्हें तनाव मुक्त रखने की कोशिश की जा रही है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही ये गतिविधियां और व्यापक रूप से कराई जाएंगी। ऑनलाइन पढ़ाई की प्रक्रिया छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए काफ ी जटिल थी। कभी नेटवर्क तो कभी मोबाइल न होने से पढ़ाई में काफी बाधा आई। इससे बच्चे तनावग्रस्त हो गए। फ रवरी से ऑफ लाइन मोड पर पढ़ाई शुरू हुई तो परीक्षा की तैयारी पर भी जोर दिया गया। ऑफलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों में चिड़चिड़ापन महसूस किया गया, इसलिए इन गतिविधियों को शुरू कराया गया है।

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