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Bareilly News: अंगूठा न लगे तो मायूस न हों, आंखों की जांच से मिलेगा खाद्यान्न

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बरेली। ई-पॉश मशीन में अंगूठे की छाप न लगने की स्थिति में अब राशन कार्डधारकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन ने समस्या का संज्ञान लेकर आइरिस स्कैन यानी आंखों की रेटिना जांच मशीन उपलब्ध करा दी है। अंगूठा न लगने पर आंख की जांचकर राशन मिलेगा।
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जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह के मुताबिक, राशन दुकानों पर अक्सर बुजुर्ग कार्डधारकों को राशन लेने में समस्या आती है। उनके अंगूठे की छाप ही नहीं लगती। अब ई-पाॅश मशीन में अंगूठा न लगने की स्थिति में राशन कार्डधारक आइरिस मशीन के जरिए खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। शहर और देहात के सभी कोटेदारों को आइरिस मशीन मिल गई है।
बताया कि आइरिस मशीन के अतिरिक्त राशन कार्डधारकों को वैध मोबाइल नंबर पर ओटीपी, फिंगरप्रिंट के जरिये भी खाद्यान्न दिया जा रहा है। कोटेदार अनदेखी करेंगे तो कार्रवाई होगी। पूर्व में देहात में आइरिस मशीन का संचालन शुरू हुआ था। अब शहर में इसका प्रयोग होने लगा है। ये मशीन भी ई-पॉश मशीन से कनेक्टेड है। ब्यूरो
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मजदूरी करने से मिट सकते हैं अंगूठे के निशान
डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक जो लोग भट्ठे पर ईंट की पथाई, भराई करते हैं या पल्लेदारी करते हैं, उनके उंगुलियों के निशान धुंधले पड़ने लगते हैं। उम्रदराज होने की स्थिति में अंगूठे के निशान मिटने की संभावना होती है। बेहद हल्के निशान होने पर बायोमीट्रिक जांच संभव नहीं होती। ऐसे में आंखों की जांच से अगर राशन मिल रहा है तो ये सराहनीय पहल है।


कोटे की 1758 दुकानें, 7.62 लाख राशन कार्ड
जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक सभी कोटेदारों को वृद्धों व दिव्यांगों को प्राथमिकता पर खाद्यान्न देने के निर्देश दिए हैं। जिले में 1758 उचित दर राशन की दुकान संचालित हैं। करीब साढ़े सात लाख से ज्यादा राशन कार्डधारक हैं। इसमें अंत्योदय के करीब एक लाख और साढ़े छह लाख पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। प्रतिमाह करीब 95 फीसदी राशन वितरण का दावा है।
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