पाकिस्तान ने लिया था नाम
कुछ महीने पहले बबलू श्रीवास्तव पर पाकिस्तानी आतंकी सरगना हाफिज सईद के बंगले पर बम गिरवाने का आरोप लगा था। पाकिस्तानी राजनयिकों ने खुले तौर पर बबलू श्रीवास्तव पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। चर्चा चली थी कि भारत सरकार का रुख बबलू के प्रति नरम है और विदेश में देश विरोधी तत्वों को निपटाने में उसकी मदद ली जा रही है। आईबी व एजेंसियों से उसकी करीबी बताई गई। हालांकि, भारत सरकार ने इस मामले में कभी कोई टिप्पणी नहीं की है।
छात्र राजनीति से अपराध में आया जेल में लिखीं किताबें
प्रयागराज के मशहूर सराफा कारोबारी पंकज महेंद्रा अपहरण कांड में बबलू और उसके भांजे संकल्प श्रीवास्तव को बरी किया गया है। लखनऊ यूनिवर्सिटी की राजनीति में सक्रिय रहा बबलू श्रीवास्तव देखते ही देखते अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन गया। वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ भी काम कर चुका है। अपनी किताब में उसने लिखा है कि वह आईएएस बनना चाहता था, लेकिन 1982 में उसने एक छात्र को चाकू मार दिया था। यहीं से मामला बिगड़ गया।
दाऊद से दुश्मनी होने के बाद बबलू ने कई देशों में फरारी काटी। पुणे में कस्टम अधिकारी एलडी अरोड़ा की हत्या में बबलू और उसके गुर्गों मंगेश व कमल किशोर सैनी को इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मॉरिशस से गिरफ्तारी होने के बाद वर्ष 1999 में तीनों को बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया। तभी से तीनों हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद हैं।