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Bareilly News: गर्मी में कुत्ते और बंदर हुए और खूंखार, 3000 लोगों को किया लहूलुहान

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आंवला/भमोरा/रामनगर। गर्मी के आते ही कुत्ते और बंदर और खूंखार हो गए हैं। एक माह में इन जानवरों ने भमोरा, आंवला और रामनगर में 3000 लोगों को काटकर लहूलुहान किया है। एक माह में भमोरा सीएचसी में 1248, आंवला सीएचसी में 1500 और रामनगर के सरकारी अस्पताल में 350 से अधिक लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाए गए हैं, लेकिन इससे निजात दिलाने के लिए जिम्मेदारों ने कोई कदम उठाया नहीं।
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इन दिनों आंवला के सरकारी अस्पताल में कुत्तों और बंदरों के काटे जाने से मरीज ज्यादा आ रहे हैं। प्रतिदिन एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए 50 से ज्यादा रोगी पहुंच रहे हैं। अस्पताल में अचानक मरीजों की वृद्धि होने से पिछले हफ्ते सोमवार दोपहर तीन बजे तक वैक्सीन लगाई गई थी। चिकित्सकों के अनुसार कुत्तों व बंदरों के आक्रामक होने के पीछे मौसम जिम्मेदार है। गर्मी बढ़ने से उनमें डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। पानी की कमी से परेशान कुत्ते व बंदर गर्मी के दिनों में ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। अस्पताल में मौजूद फार्मासिस्ट किशन कुमार ने बताया कि इससे संबंधित रोजाना 50 से 60 मरीज अस्पताल आ रहे हैं। पिछले सप्ताह 15 अप्रैल को यह संख्या 100 से ऊपर पहुंच गयी थी। सोमवार को भी 60 से ज्यादा एआरवी लगाए गए।





जानवरों को पकड़ने का चलेगा अभियान



अधिवक्ता सुनील वर्मा ने बताया कि कई बार संपूर्ण समाधान दिवस में आवारा खूंखार कुत्तों व बंदरों को पकड़ने के लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं। ईओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान चलाकर सड़क पर घूमने वाले कुत्ते व बंदरों को पकड़ा जाएगा।
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19 अप्रैल को भमोरा के अस्पताल में पहुंचे 175 मरीज

भमोरा के सरकारी अस्पताल में एक महीने में 1248 मरीजों को एआरवी लगाए गए। 19 अप्रैल को तो 175 मरीज अस्पताल पहुंचे। रामनगर के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पताल में एक सप्ताह में 350 से अधिक मरीजों को एआरवी लगाए गए हैं।

24 घंटे में लगवाएं एआरवी


चिकित्सकों के अनुसार कुत्ता व बंदर अगर हमला कर दे तो घबराएं नहीं। कुत्ते के काटने के बाद घाव को साबुन से अच्छी तरह साफ करें। घाव पर कपड़ा या पट्टी न बांधें। झाड़-फूंक के उपचार से बचें। 24 घंटे के अंदर डॉक्टर को दिखाकर एआरवी लगवाएं।
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