बरेली। स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में अव्यवस्थाओं की वजह से मरीजों को परेशान होना पड़ा। मीरगंज क्षेत्र के हुरहुरी और जाम स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर ही नहीं पहुंचे। वहीं, कई जगह समय से पहले ही स्टाफ चला गया। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम ने मरीज देखे।
नगरीय क्षेत्र के 21 और ग्रामीण क्षेत्रों के 50 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मेले की पड़ताल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल मिलीं। सबसे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्र का स्वास्थ्य केंद्रों पर दिखा। पीएचसी और जाम पीएचसी पर स्वास्थ्य मेला आयोजित न होने को लेकर जब सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार पाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि भैयादूज की वजह से आयोजन नहीं हो पाया।
शीशगढ़ में दो बजे से पहले ही डॉक्टर चले गए। मझगवां स्वास्थ्य केंद्र पर 52, फतेहगंज पूर्वी के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 24 और फरीदपुर में 200 मरीज देखे गए। फरीदपुर के ही अर्बन स्वास्थ्य केंद्र पर 32 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। आंवला में 25 मरीजों का उपचार किया गया।
नहीं बने आयुष्मान कार्ड
बहेड़ी। पीएचसी रिछा पर आयोजित स्वास्थ्य मेले में 143 मरीज पहुंचे। यहां आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए काउंटर तो लगाया गया मगर टीम नहीं पहुंची। इस वजह से आयुष्मान कार्ड बन ही नहीं पाए। आयुष्मान कार्ड बनने की आस में आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
बुखार और त्वचा रोगों के मरीज ज्यादा
जन आरोग्य मेले में कुल 3029 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे अधिक मरीज त्वचा, बुखार, मलेरिया और पेट की बीमारियों से संबंधित थे। इन्हें परामर्श और आवश्यक दवाइयां देने के साथ ही मच्छरों से बचाव और आस-पास सफाई रखने के लिए कहा गया। संवाद