जिला समन्वयक धर्मपाल सिंह ने बताया कि हमें कुछ जरूरत थी तो सचिन से 19 हजार रुपये उधार लिए थे, जो उन्हें दे भी दिए हैं। सचिन के बारे में हम नहीं जानते हैं, इससे हमारे साथी नरेश ने मिलवाया था। सचिन ने एसएसपी के यहां शिकायत की थी। अब हमारा उसका समझौता हो गया है।
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि सीओ सिटी की प्रारंभिक जांच में रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। उन्होंने अपनी विवेचना रिपोर्ट में किसी अन्य विभागीय अधिकारी से भी जांच करा लेने की बात का जिक्र किया है। इसलिए उपायुक्त स्वत: रोजगार को लगाया है। आरोपी धर्मपाल सिंह की आउटसोर्सिंग सर्विस की भी जांच करा रहे हैं। सोमवार को इस मामले में निर्णय कर देंगे।