बहेड़ी। रामलीला मेला कमेटी परिसर की जमीन पर बुधवार सुबह तड़के जेसीबी मशीन से खोदाई का काम सभासद ने शुरू कराया तो मेला कमेटी ने विरोध कर दिया। मेला कमेटी की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने के आदेश दिए। सभासद का तर्क है कि इस मामले का वाद कमिश्नरी में चल रहा था ,जिसमें उन्हें जीत मिली है। वहीं, मेला कमेटी का तर्क है कि सभासद के पूर्वजों ने मेला कमेटी को यह जमीन दान में दी थी।
शिकायत के अनुसार कस्बे के मेला परिसर को लेकर मेला कमेटी के पदाधिकारियों और सभासद दिनकर गुप्ता के बीच पूर्व में एसडीएम की अदालत में एक मुकदमा चल रहा था, जिसमें तत्कालीन एसडीएम ने मेला कमेटी के पक्ष में आदेश पारित कर दिया था। इसके बाद खतौनी पर मेला कमेटी का नाम दर्ज हो गया। इधर, सभासद ने इस मामले को लेकर कमिश्नरी में एक वाद दायर किया था। कमिश्नरी में सभासद के पक्ष में आदेश आया और पूर्व में किए गए आदेशों को खारिज कर दिया गया। इसी के तहत सभासद ने सुबह जेसीबी से मेला परिसर की जमीन की खोदाई शुरू करा दी। मेला कमेटी ने इसका विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत की। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने फोर्स भेजकर काम रुकवा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों को एसडीएम ने अपने यहां बुलाया और वार्ता की।
एसडीएम के समक्ष दोनों पक्षों में रखा पक्ष
एसडीएम के सामने मेला कमेटी के प्रमोद अग्रवाल, विवेक गर्ग आदि ने तर्क रखा कि सभासद के दादा आदि ने यह जमीन दान में दी थी, लेकिन उनके पास कोई भी दान पत्र नहीं मिला। मेला कमेटी के पदाधिकारी का कहना है कमिश्नरी में सभासद के पक्ष में आदेश तो हुए हैं, लेकिन कब्जा करने का कोई आदेश नहीं हुआ है। सभासद ने जबरन मेला कमेटी की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है। वहीं, दूसरी ओर एसडीएम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कई वकीलों से विधिक राय भी ली। अब दो दिन के बाद इस मामले में प्रशासन कोई निर्णय लेगा। एसडीएम ने फिलहाल दोनों पक्षों को आदेश दिए हैं किसी भी तरह का निर्माण आदि नहीं किया जाएगा।