नवाबगंज। बीते कई दशकों से सेना की भूमि पर लगता आ रहा रामलीला मेला इस बार फिर दो दावेदारों के बीच फंस कर रह गया है। सेना ने तहसील प्रशासन को पत्र जारी कर रिपोर्ट मांगी है।
पिछले कुछ सालों से ग्राम पंचायत ईधजागीर द्वारा भूमि को अपने ईंधजागीर के क्षेत्र में बताते हुए मेला आयोजित करने के लिए ग्रामीणों ने रक्षा संपदा विभाग में अपना दावा किया था, लेकिन आखिरी समय में मेला आयोजित कराए जाने की अनुमति अभी तक मेला लगवाती चली आ रही रामलीला सोसायटी के हाथ लगी। बीते साल भी मेला आयोजित किए जाने को लेकर दो धड़ों में काफी खींचतान मची थी, जिसके चलते अंतिम समय में मेला रामलीला सोसायटी द्वारा कराया गया था।
इस वर्ष भी रामलीला सोसायटी ने 17 सितंबर से छह अक्तूबर तक मेला आयोजित करने की अनुमति रक्षा संपदा विभाग (सेना) से मांगी है, जबकि दूसरे पक्ष से राम चरित मानस सेवा समिति ने 16 सितंबर से नौ अक्तूबर तक मेला आयोजित किए जाने की अनुमति मांगी है। दोनों समितियों द्वारा सेना से अनुमति मांगे जाने पर विभाग ने एक पत्र एसडीएम को भेजकर भूमि की सुरक्षा दृष्टिकोण से देखते हुए स्पष्ट रिपोर्ट देने का अनुरोध किया है। संवाद
दोनों पक्षों को अनुमति का इंतजार
राम चरित मानस सेवा समिति के अध्यक्ष नानक चन्द शर्मा ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को शपथ पत्र के साथ अपना जवाब तहसील प्रशासन को दे दिया है। इस मामले रामलीला सोसायटी के अध्यक्ष रवींद्र पाल सिंह गंगवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें सेना से अनुमति मिल जाएगी। उसके बाद मेले का कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक इस मामले में वह सेना द्वारा भेजे गए पत्र को नहीं देख सके हैं। देखने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।