यह है पूरा मामला
धनंजय सिंह को अपहरण व रंगदारी के मामले में सात मार्च को सजा सुनाई गई थी। उस मामले में वादी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो के खिलाफ अपहरण व रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
पुलिस ने विवेचना करके तीन माह के अंदर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट ने दो अप्रैल 2022 को धनंजय व सहयोगी पर आरोप तय किया था। इसके बाद 130 तारीखों की सुनवाई के बाद पांच मार्च 2023 को धनंजय समेत दो को दोषी पाया गया। इसके बाद सात मार्च 2024 को सजा सुनाई गई।
27 अप्रैल को शासन के आदेश पर जौनपुर पुलिस ने धनंजय सिंह को बरेली सेंट्रल जेल शिफ्ट किया था। इस बीच उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। मंगलवार को जौनपुर जिला जेल के अधीक्षक एसके पांडेय ने रिहाई का परवाना रेडियो मैसेंजर के जरिए बरेली सेंट्रल जेल को भेज दिया गया था। बुधवार सुबह ही धनंजय सिंह को जेल से रिहा कर दिया गया।