बरेली। त्योहारों का दौर खत्म होने के बाद बाजार में अब सहालग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। देवोत्थान एकादशी पर 14 नवंबर से शुरू होने वाले दो महीने के सहालग में शादियों के 20 से ज्यादा शुभ मुहुर्त हैं लिहाजा बरात घरों और बैंड-बाजों की बुकिंग के लिए मारामारी शुरू हो गई है। देवोत्थान एकादशी को सबसे बड़ा मुहुर्त माना जाता है, इस कारण सबसे ज्यादा मारामारी भी इसी दिन के लिए हैं।
कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने के बाद ज्यादातर लोग खुली और बड़ी जगह में शादी करने की तैयारी कर रहे हैं। इसका साफ असर बाजार पर दिख रहा है। बैंड-बाजों, फूल और सजावट का काम करने वालों के साथ केटरिंग करने वालों के पास आर्डर बढ़ गए हैं। 14 नवंबर के लिए शहर के अधिकांश बरातघर महीने भर पहले ही बुक हो चुके हैं। अब इस तारीख पर बग्घी और बैंड बाजे वाले तक नहीं मिल पा रहे हैं। बरातघरों में भी 15 दिसंबर तक के लिए बुकिंग फुल हो चुकी है।
हालत यह है कि बड़े बरातघरों में एक ही तारीख पर सात से आठ शादियों तक की बुकिंग की गई है। बरातघरों के साथ विवाह मंडप, टेंट हाउस, हलवाई, बैंडबाजे, सजावट, ब्यूटी पार्लरों के पास भी बुकिंग की भरमार है। उम्मीद के मुताबिक आर्डर मिलने से इन कारोबारियों के चेहरे पर अभी खुशी झलक रही है। कोरोना के कारण दो सालों से मंदी झेल रहे इन कारोबारियों को इस साल राहत मिलने की उम्मीद है। बर्तन और सर्राफा कारोबार में भी उछाल आया है।
फूल कारोबारियों की बढ़ीं उम्मीदें
कोरोना काल में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगने का सबसे ज्यादा नुकसान फूल कारोबारियों को भुगतना पड़ा। शादी-ब्याह पर नियम-कायदों के पहरे के साथ धर्मस्थलों में प्रवेश सीमित होने की वजह से फूलों की मांग में जबर्दस्त कमी आई। अब शादियों में रौनक बढ़ने से फूलों की खेती और कारोबार करने वालों को भी हालात सुधरने की उम्मीद है।
सहालग के लिए इस बार बंपर बुकिंग मिली है। 15 दिसंबर तक शादी के मुहुर्त वाली अधिकांश तारीखों पर बुकिंग है। देवोत्थान एकादशी के मुहुर्त के लिए दो महीने पहले ही बरातघर बुक हो गया। - गोपेश अग्रवाल, टेंट हाउस कारोबारी
कोरोना की वजह से दो साल तक कारोबार में काफी मंदी रही थी मगर इस बार अच्छी बुकिंग मिली है। जिन मुहुर्त पर अब तक बुकिंग नहीं हुई है, वह भी जल्द ही बुक होने की उम्मीद है। - मो. फहम, मैरिज लॉन संचालक
दीपावली पर इस बार अच्छा कारोबार हुआ। दीपावली के बाद अब सहालग को लेकर भी अच्छा रुझान दिख रहा है। शादी-ब्याह के लिए अभी से मिठाइयों की बुकिंग शुरू हो गई है। - अमित आहूजा, मिठाई कारोबारी
सहालग के लिए सर्राफा बाजार में भीड़ बढ़ने लगी है। कोरोनाकाल में शादियां सादगी से हो रही थीं। इस वजह से सहालग के दौरान भी कारोबार में कोई परिवर्तन नहीं आता था। इस बार स्थिति उलट है। - अंकुर अग्रवाल, सर्राफा कारोबारी
सहालग में इस बार कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है। बेहतर यह है कि सहालग में इस बार मुहुर्त भी कई हैं। ज्यादातर मुहूर्त के लिए अभी से एडवांस बुकिंग हो चुकी है। - राकेश वार्ष्णेय, कैटर्स
चतुर्मास के बाद जागेंगे जगतपति, शुरू होंगे मांगलिक कार्य
कार्तिक शुक्ल पक्ष देवोत्थान एकादशी इस बार 14 नवंबर को है। देवोत्थान एकादशी से ही चार महीनों से रुके धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। देवोत्थान एकादशी वाले दिन शालिग्राम विग्रह और तुलसी का विवाह उत्सव भी मनाया जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार 20 जुलाई देवशयनी एकादशी को भगवान विष्णु चार मास के लिए शयन मुद्रा में चले गए थे। अब देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान निद्रा से जागेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन चार महीनों में कोई मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। देवोत्थान एकादशी को भगवान के निद्रा से जागने के बाद मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। देवोत्थान एकादशी अबूझ मुहुर्त है, इसमें बगैर विचारे विवाह किया जा सकता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार देवोत्थान एकादशी को पूजा-पाठ, व्रत-उपवास करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।