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1902 करोड़ से होगा बरेली का विकास

Sat, 20 Jan 2018 02:25 AM IST
बरेली
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत बरेली के विकास के लिए केंद्र सरकार 1902 करोड़ रुपये की ग्रांट देगी। इसमें एक हजार करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी पर खर्च होंगे। करीब 400 करोड़ रुपये जरी-जरदोजी कारोबार को संवारने और कामगारों की दशा सुधारने पर खर्च किए जाएंगे। बरेली के जरी-जरदोजी कारोबार को विश्व पटल पर पहचान दिलाने का काम किया जाएगा।
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 कुल 1902.77 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में स्मार्ट सिटी का बजट 962 करोड़, पीपीपी मॉडल का 453.63 करोड़ और कन्वर्जेंस का 487.08 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। प्रोजेक्ट में जरी-जरदोजी को बरेली के कारोबार की रीढ़ बनाया गया है।  इस कारोबार पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च करके इससे जुड़े साढ़े चार लाख लोगों के उत्थान पर काम किया जाएगा। इसके लिए कोआपरेटिव सोसाइटी बनाकर जरी कामगारों को इससे जोड़ा जाएगा। आय बढ़ाने के लिए कारोबार को परंपरागत तरीके की बजाय आधुनिकता की ओर ले जाने की योजना है। आधुनिक संसाधन और बाजार उपलब्ध कराकर इस कारोबार को विश्व पटल पर पहचान दिलाने की तैयारी है। इससे न सिर्फ कारोबार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे जुड़े लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। इसके अलावा फर्नीचर उद्योग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के तहत सिविल लाइंस का विकास
विकास पर 962 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें सिविल लाइंस को आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत सीवर, पेयजल, सड़क समेत सारी व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएंगी। 24 घंटे विद्युत सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए सोलर के जरिये दस प्रतिशत विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करना भी इसमें शामिल होगा।
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पीपीपी मॉडल पर शहर का सुंदरीकरण
453.63 करोड़ रुपये से पीपीपी मॉडल पर शहर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसमें शहर के विभिन्न पार्क और चौराहों को सुंदर किया जाएगा। सभी होर्डिंग एक जैसे होंगे। जगह-जगह शौचालय बनाए जाएंगे। यात्री शेड की हालत संवारी जाएगी और पार्किंग बनाई जाएंगी।
कन्वर्जेंस से 487 करोड़ रुपये
स्मार्ट सिटी के तहत अमृत जैसी विभिन्न योजनाएं जो कन्वर्जेंस के तहत आती हैं। उनसे मिलने वाले 487 करोड़ रुपये भी मिलेंगे। हाल ही में अमृत योजना के तहत पेयजल की चार टंकियों को जोड़ने के लिए बने 16.94 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में 8.29 करोड़ रुपये की किस्त जारी हो गई है।

इसी साल मिलेंगे रुपये, एजेंसी कराएगी काम
स्मार्ट सिटी बनने के लिए घोषित हो चुके शहरों के लिए अब तक कोई धनराशि जारी नहीं हुई है। इस पर मेयर उमेश गौतम ने बताया इस वित्तीय वर्ष में ही स्मार्ट सिटी के लिए धनराशि जारी होगी। अब इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए एजेंसी तय की जाएगी। यह दारा शा या कोई अन्य भी हो सकती है। पहले साल में स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कामों के लिए प्रोजेक्ट तय होंगे और फिर अगले दो-तीन साल में उन प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारने का काम किया जाएगा।

वर्जन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 1902 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना है। इस कामयाबी के लिए सभी को शुभकामनाएं। अब इस योजना पर काम करके शहर को जल्दी ही स्मार्ट सिटी बनाना है।
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- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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