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अवैध निर्माण तोड़ने के बजाय उनकी कंपाउंडिंग की तैयारी

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आवास विकास के अफसर बोले, अनधिकृत निर्माण इतने ज्यादा कि उन्हें तोड़ पाना मुमकिन नहीं

बरेली। आवास विकास परिषद स्वीकृत नक्शा के विपरीत निर्माण कराने वाले आवंटियों से जुर्माना वसूल उनकी कंपाउंडिंग कराने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उनके ध्वस्तीकरण में लंबा समय लगेगा। इसके अलावा परिषद को इसके लिए मोटी रकम भी खर्च करनी पड़ेगी। इसलिए शासन स्तर पर अवैध निर्माण को वैध कराने की कवायद चल रही है।
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राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, जनकपुरी और सिविल लाइंस में आवास विकास के करीब चार हजार आवंटी हैं। आवास विकास के स्टाफ के साथ मिलीभगत करके बड़ी संख्या में आवंटियों ने स्वीकृत नक्शे में छेड़छाड़ करके मनमाने तरीके से निर्माण करा लिया है। तमाम आवास ऐसे भी हैं, जहां कमर्शियल बिल्डिंग खड़ी हो चुकी हैं। छोटे आवंटियों ने भी दुकानें खोल ली हैं। लंबे समय से चल रही यह गड़बड़ी अब आवास विकास के अधिकारियों के गले की फांस बन गई है।
आवास विकास ने फिलहाल 40 बड़े आवासों को चिह्नित कर भेज दिया है, लेकिन अभी तीन से चार सौ आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने घरों में अवैध तरीके से दुकानों का संचालन शुरू कर रखा है। आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में आवंटियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर पाना मुमकिन नहीं है। इसलिए बेहतर है कि उनकी कंपाउंडिंग कराकर उन्हें वैध करार दे दिया जाए।
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अनधिकृत तौर से आवासीय नक्शों पर अवैध निर्माण या उनका नियम विरुद्घ इस्तेमाल करने वाले आवंटी इतनी ज्यादा संख्या में हैं कि उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में महीनों का वक्त लगेगा। इस कार्रवाई में विभाग को भी काफी खर्च करना पड़ेगा, वहीं लोगों को भी परेशानी होगी। इसलिए ऐसे निर्माणों की कंपाउंडिंग कराने की कोशिश शासन स्तर पर चल रही है।
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-राजीव कुमार, एक्सईएन, आवास विकास परिषद
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