बरेली। यूपी में अनुसूचित जाति की सूची में दर्ज कई जातियों की 17 उपजातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश और केंद्र सरकार को जल्द इसे परिभाषित करना चाहिए ताकि इन्हें अनुसूचित जाति के तहत आरक्षण का लाभ मिल सके।
सपा के पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी ने यह बात सर्किट हाउस में एक पत्रकार वार्ता में कही। 17 उपजातियों को परिभाषित करने के लिए 2016 में सपा सरकार के दौरान उन्होंने दो बिल पेश किए, लेकिन भाजपा सरकार में इस पर कोई कार्य नहीं हुआ। 10 अक्तूबर 2005 में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने एक शासनादेश जारी किया था पर तब बसपा ने याचिका दायर कर उसे स्थगित करा दिया गया। बाद में उसे वापस ले लिया गया। अब इन 17 उपजातियों को परिभाषित कराकर इन्हें अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सपा संघर्ष कर रही है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अगम मौर्या, मयंक शुक्ला, निवर्तमान महानगर इंजी. अयूब हसन, उपाध्यक्ष दिनेश यादव, निवर्तमान महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा, मोहित सक्सेना, सभासद दल नेता राजेश अग्रवाल, सभासद अब्दुल कयूम खां मुन्ना, सभासद सलीम पटवारी आदि उपस्थित रहे।