बरेली। तापमान में बढ़ने से जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में डायरिया पीड़ित 41 बच्चों के भर्ती होने से वार्ड फुल है। वहीं, पेट दर्द और बुखार से तप रहे दो बच्चों की एलाइजा जांच रिपोर्ट मंगलवार को पॉजिटिव मिली है। डेंगू की पुष्टि पर इन्हें संबंधित वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।
हजियापुर निवासी अब्दुल सलीम के एक वर्षीय बेटे अफरान को पांच दिन से बुखार था। स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवा लेकर दे रहे थे पर सुधार नहीं हो रहा था। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया तो बच्चे की डेंगू, मलेरिया की जांच हुई। इसमें रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। प्रेमनगर लल्ला मार्केट निवासी रिहान रजा की सात माह की बेटी मरियम को भी बुखार था। साथ ही, पेट में ऐंठन और दर्द हो रहा था। डायरिया संदिग्ध लक्षण होने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। डेंगू, मलेरिया की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। दोनों बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू हो गया है।
एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक बच्चों के इलाज में देरी से हालत गंभीर होने की आशंका रहती है। अगर 24 घंटे में बुखार न उतरे तो जांच करानी चाहिए। डायरिया, डेंगू में बगैर परामर्श दवा का सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए परामर्श पर ही दवा लें।
जिला अस्पताल और तीन सौ बेड अस्पताल में इलाज के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे करीब तीन सौ मरीजों की जांच में 70 फीसदी टाइफाइड की चपेट में मिल रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक जिन मरीजों को तीन दिन से ज्यादा बुखार होता है, उनकी जांच कराते हैं। इसमें मलेरिया, डेंगू समेत विडाल टेस्ट कराया जाता है। करीब 70 फीसदी का विडाल पॉजिटिव मिल रहा है। जो टाइफाइड का संकेत है। बताया कि विडाल पॉजिटिव मिलने की मुख्य वजह दूषित पानी और भोजन है। जो साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है। मंगलवार को ओपीडी में इलाज के लिए 67 मरीज पहुंचे। इसमें से 12 की जांच कराई गई। नौ में विडाल पॉजिटिव मिला।