रिछा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिछा में प्रसव के छह दिन बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर मामले की शिकायत सीएमओ से की है। आरोप है कि रुपये न देने पर स्टाफ ने लापरवाही बरती।
सिंधौरा गांव के रहने वाले जयप्रकाश ने बताया कि गर्भवती पत्नी ममता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 21 सितंबर को उन्होंने रिछा सीएचसी पर भर्ती कराया। वहां तैनात स्टाफ नर्स ने प्रसव कराने के बदले 2500 रुपये मांगे। उन्होंने रुपये देने से इन्कार कर दिया।
आरोप है कि नाराज स्टाफ ने प्रसव में लापरवाही बरती। जन्म के बाद भी बच्चे की हालत गंभीर थी। उन्होंने जब ऑक्सीजन लगाने को कहा तो स्टाफ ने मना कर दिया। कुछ देर बाद ही नवजात की हालत बिगड़ने लगी। यह देखकर स्टाफ ने प्राइवेट अस्पताल जाने के लिए कहा। बहेड़ी के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 27 सितंबर को बच्चे की मौत हो गई।
मामले में जब सीएचसी प्रभारी डॉ. शुऐब खान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।