संजयनगर में 22 अगस्त की रात मारपीट और फायरिंग का मामला
बरेली। संजयनगर में हुए विवाद के दौरान गोली लगने से घायल विक्की यादव की उपचार के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव मोहल्ले में पहुंचा तो परिजन ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सड़क पर ही शव वाहन रोककर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाया तो फौरन ही जाम खोल दिया।
परिवार वालों के मुताबिक, 22 अगस्त की रात संजयनगर निवासी विक्की यादव अपनी पत्नी राखी को लेकर ससुराल से लौट रहे थे। रात करीब आठ बजे चंदू यादव, रोहन ठाकुर, बहादुर और दलेल सिंह समेत कुछ लोग मोहल्ले में खड़े थे। रास्ते से हटने को लेकर कुछ कहासुनी होने पर आरोपियों ने विक्की को घेरकर मारपीट और फायरिंग शुरू कर दी। विक्की के परिवार वाले पहुंचे तो आरोपियों ने धारदार हथियारों से उन पर भी हमला कर दिया। जिससे घर की महिलाएं समेत कुछ अन्य लोग भी घायल हो गए। विक्की के पेट में गोली लगने से चलते उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां देर रात विक्की की मौत हो गई।
हत्या में तरमीम हुआ मुकदमा
पोस्टमार्टम के बाद विक्की का शव मोहल्ले में पहुंचा तो उसके परिवार वालों ने शव वाहन सड़क पर ही रोक लिया। वे लोग जानलेवा हमले में दर्ज मुकदमे को हत्या में तरमीम करने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर बारादरी नीरज मलिक ने उन्हें समझाया कि मुकदमा तरमीम हो चुका है तो वे लोगों ने जाम खोल दिया।
तीन नामजद समेत अन्य अभी फरार
इस मामले में विक्की के पिता नन्हें यादव की तहरीर पर चंदू यादव, रोहन ठाकुर, बहादुर और दलेल सिंह समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बारादरी इंस्पेक्टर ने बताया कि दलेल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उसकी लाइसेंसी बंदूक भी बरामद हो गई है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।