बिथरी चैनपुर के गांव बिचपुरी का मामला, कई थानों की पुलिस पहुंची
दिन भर प्रदर्शन करते रहे गांव वाले, नहीं किया शव का अंतिम संस्कार
बिथरी चैनपुर। बीडीए के खिलाफ बिचपुरी गांव में धरना दे रहे लोगों में शामिल 65 वर्षीय गंगा देवी की मौत के बाद लोग आक्रोशित हो गए। उनका शव गांव में ही चौराहे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। देर रात तक पुलिस और प्रशासन के लोग गांव वालों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन वे नहीं माने। इससे वृद्धा का अंतिम संस्कार नहीं हो सका।
रामगंगानगर आवासीय योजना में शामिल बिचपुरी गांव में तीन मार्च को बीडीए ने करीब दस मकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया था। अफसरों का कहना था कि ये मकान बीडीए की जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाए गए थे। अभी वहां कई अन्य मकान भी बीडीए के निशाने पर हैं। इससे आक्रोशित होकर गांव वाले तीन मार्च से ही गांव में बैनर लगाकर बीडीए के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। रात-दिन चल रहे इस धरना-प्रदर्शन में शामिल बुजुर्ग महिला गंगा देवी की सोमवार रात मौत हो गई। गांव वालों ने बीडीए की कार्रवाई की दहशत से उनकी मौत होने का आरोप लगाकर मंगलवार सुबह चौराहे पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर बिथरी चैनपुर इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे और ज्यादा उग्र हो गए। इसके बाद बिथरी के अलावा भुता, हाफिजगंज, इज्जतनगर, कैंट और फरीदपुर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। गांव वालों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन वे बीडीए के अफसरों को वहां बुलाने पर अड़े रहे।
मांगा मकान न तोड़ने का आश्वासन
तहसीलदार सदर शेर बहादुर और नायब तहसीलदार लकी सिंह भी वहां पहुंचे। उन लोगों ने ग्रामीणों को समझाकर अंतिम संस्कार करने की बात कही। इस पर गांव के अमित, वीरपाल पांडेय, राजन सक्सेना, अशर्फी लाल आदि ने कहा कि बीडीए के अफसर मौके पर आएं और लिखकर दें कि अब उनके मकान नहीं गिराए जाएंगे, तभी अंतिम संस्कार किया जाएगा।
धरना जारी, लौट गई पुलिस
गांव वालों की मांग के बावजूद न तो बीडीए के अफसर मौके पर पहुंचे और न ही कोई आश्वासन दिया। बातचीत के बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो रात करीब आठ बजे पुलिस भी वहां से चली गई। गांव के लोग शव रखकर देर रात तक प्रदर्शन करते रहे।