आवेदकों को बताया अपात्र, पांच हजार विद्यार्थियों ने किया था आवेदन
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जांच में दो हजार छात्रों के अपात्र मिलने के बाद उनके छात्रवृत्ति के आवेदन खारिज कर दिए हैं। बाकी तीन हजार पात्र विद्यार्थियों का डाटा शासन को भेज दिया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा पा रहे विद्यार्थियों को हर साल छात्रवृत्ति देती है जो कोर्स की फीस के मुताबिक शासन स्तर से ही तय होती है। पांच हजार विद्यार्थियों ने इस बार छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किए थे। विश्वविद्यालय ने दो हजार फार्मों को जांच के बाद रद्द कर दिया। तीन हजार विद्यार्थियों का डाटा शासन को भेज दिया है। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. पीबी सिंह का कहना है कि कई कारणों से दो हजार छात्रों को अपात्र माना गया है।