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‘बेटियों को पढ़ाओ, खुद बन जाएंगी अपराजिता’ 

Thu, 14 Mar 2019 09:58 PM IST
पवन चंद्रा पवन चंद्र, बरेली
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‘बेटियों को पढ़ाओ, खुद बन जाएंगी अपराजिता’  - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। बेटियों को सशक्त कर अपराजिता बनाना है तो उनको सिर्फ शिक्षित कर दी दीजिए। वे हर चुनौती पार कर कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचने का हौसला रखती हैं। गमों के दौर में भी बेटियां मुस्कुराकर आगे बढ़ना जानती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत साहू गोपी नाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने कुछ इसी तरह बेटियों का हौसला बढ़ाया। महिला सशक्तीकरण पर उन्होंने कहा कि जमाना बदल चुका है। बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। जरूरत है उन पर विश्वास जताकर उन्हें सपोर्ट करने की।
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महिला दिवस पर साहू गोपी नाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुआ व्याख्यान

गायन पेश करतीं छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला, बरेली

महिला दिवस पर साहू गोपी नाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुआ व्याख्यान

नीता अहिरवार ने अपनी बात बेसिक शिक्षा से शुरू करते हुए कहा कि घर में बेटा-बेटी हैं तो उनकी परवरिश में अंतर दिखता है। बेटा कान्वेंट स्कूल तो बेटी को छोटे स्कूल में भेजा जाता है। अभिभावकों को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि बेटी बारहवीं तक पढ़ ली तो समझो सशक्त बनने का आधा सफर उसने तय कर लिया। अशिक्षित महिलाओं को ही ज्यादा शोषण का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का विरोध करना सीखें। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 की भी जानकारी दी। कहा, रास्ते या स्कूल में कोई परेशान कर रहा है तो इसकी जानकारी अभिभावकों को जरूर दें। चुप रहना ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने के सामान है। उन्होंने गुड टच, बैड टच के बारे में भी बताया।

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डरें नहीं, विरोध करना सीखें। नो कहना सीखें। खुद पर विश्वास रखें।

‘बेटियों को पढ़ाओ, खुद बन जाएंगी अपराजिता’  - फोटो : अमर उजाला, बरेली

डरें नहीं, विरोध करना सीखें। नो कहना सीखें। खुद पर विश्वास रखें।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में बेटियां घरों में ही सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए गुड टच और बैड टच की जानकारी होना बेहद जरूरी है। डरें नहीं, विरोध करना सीखें। नो कहना सीखें। खुद पर विश्वास रखें। कोई भी कठिन कार्य असंभव नहीं है। उड़ने को पूरा आसमान खाली है, पंख फैलाओ और ऊंची उड़ान भरो। आशा ज्योति केंद्र की सौम्या वर्मा ने सुमंगला योजना और महिला हेल्पलाइन की जानकारी दी। प्रधानाचार्य डॉ. ममता गर्ग ने बेटियों को सशक्त करने के लिए शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज बेटियां आईएएस, पीसीएस और आईपीएस अधिकारी बन रही हैं। सेना में भी बेटियां पहुुंच रही हैं, इसलिए पढ़ें और आगे बढ़ें। उन्होंने अपराजिता अभियान संकल्प की शपथ भी दिलाई।
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