आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर रामजन्म भूमि के मुद्दे पर बात करने पूरे जोश के साथ दरगाह आला हजरत पहुंचे थे, मगर दरगाह की खामोशी ने उन्हें मायूस कर दिया। यहां न तो दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां कादरी सुब्हानी मियां से उनकी मुलाकात हो पाई, न उन्हें इस्लामिक धर्मगुरु ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां अजहरी मियां से मिलने का मौका मिल पाया। यह जोश तब और ठंडा पड़ता दिखा जब श्री श्री मथुरापुर में इस्लामिक सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां करीब 15 मिनट इंतजार के बाद भी उसका गेट नहीं खुला।
दरअसल श्री श्री आईएमसी मुखिया नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर यहां आए थे। इस बीच उन्होंने दरगाह पर जाकर चादरपोशी भी की, हालांकि दरगाह आला हजरत की ओर से उन्हें कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था। श्री श्री से मौलाना तौकीर की मुलाकात दो-ढाई महीने पहले महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। वहीं बातचीत के दौरान मौलाना ने श्री श्री को बरेली आने की दावत दे दी। इसके बाद ही मंगलवार उनका बरेली आने का कार्यक्रम बना। मुख्य उद्देश्य तौकीर रजा से बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का ही था, लेकिन इसमें दरगाह पर चादरपोशी और मथुरापुर इस्लामिक सेंटर पर जाने को भी शामिल कर लिया गया, लेकिन श्री श्री के इतना जोश दिखाने के बाद भी दरगाह के प्रमुख लोगों ने उनके कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
श्री श्री आला हजरत दरगाह पर हाजिरी देने गए तो वहां आला हजरत खानदान के किसी भी सदस्य से उनकी मुलाकात नहीं हुई। सुब्हानी मियां तो सितारगंज निकल गए थे, लेकिन सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी, ताजुश्शरीया अजहरी मियां और शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी से भी श्री श्री की मुलाकात नहीं हो सकी। दरगाह पर हाजिरी के बाद श्री श्री दरगाह में ही मदरसा मंजर-ए-इस्लाम पहुंचे तो वहां छुट्टी हो चुकी थी। परिसर में कुछ छात्र मिले, जिनसे मिलकर श्री श्री ने बात की और उनके सिर पर हाथ रखा।
यहां से श्री श्री मथुरापुर स्थित जमीयतुर्रजा इस्लामिक सेंटर पहुंचे। वहां भी छुट्टी हो चुकी थी और गेट बंद हो गया था। गेट खुलने के इंतजार में श्री श्री को वहां 15 मिनट इंतजार करके रहे लेकिन आखिरकार मायूस ही लौटना पड़ा। गेट पर तैनात गार्ड ने यह कह कर गेट नहीं खोला कि मदरसे की छुट्टी हो चुकी है, स्टाफ भी जा चुका है और उसे कोई सूचना नहीं है। इस्लामिक सेंटर के प्रबंधक शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी के प्रतिनिधि खलील कादरी का कहना था कि चूंकि मदरसे की छुट्टी हो चुकी थी और पहले से कोई सूचना नहीं थी। पहले से पता होता तो अलग बात थी।
इधर दरगाह के प्रवक्ता मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने कहा कि श्री श्री के आने की कोई सूचना दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां को नहीं थी। दरगाह की ओर से उन्हें कोई निमंत्रण भी नहीं दिया गया था।