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गैंगरेप हुआ था नवाबगंज की मासूम के साथ

Mon, 01 Feb 2016 12:56 AM IST
बरेली
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बरेली। नवाबगंज के गांव में रेप के बाद वहशियाना ढंग से कत्ल की गई 10 वर्षीय मासूम को एक नहीं बल्कि दो लोगों ने हवस का शिकार बनाया था। गांव में एक शादी में शामिल होने आए दोनों आरोपी इस वारदात के दौरान शराब के नशे में बुरी तरह धुत थे। पुलिस ने इनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जो मासूम बच्ची के ही गांव का है। बच्ची उसे पहचानती थी, इसीलिए उसने अपने साथी के साथ रेप करने के बाद उसे कत्ल कर दिया था। पुलिस अब दूसरे आरोपी की तलाश में जुट गई है।
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चौथी क्लास में पढ़ने वाली अनुसूचित जनजाति की बच्ची की रेप के बाद नृशंस हत्या का मामला लखनऊ तक गूंजा था। मुख्यमंत्री के इसका संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई और शुक्रवार को हुई इस घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस लाइंस सभागार में एसएसपी आरके भारद्वाज ने रविवार को पत्रकारों को पूरी घटना की जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि बच्ची के गांव में शुक्रवार को बाबूराम की शादी थी। शादी में शामिल होने गांव पड़रा का 30 वर्षीय उमाकांत गंगवार एक दिन पहले बाबूराम के घर आया था। बच्ची के ही गांव में रहने वाला मुरारी गंगवार उसके साथ उत्तराखंड में मजदूरी करता है, इसलिए दोनों में दोस्ती थी।
एसएसपी ने बताया कि घटना के दिन उमाकांत और मुरारी पड़ोस के गांव बुखारपुर से कच्ची शराब खरीदकर लाए थे। दोनों ने बाबूराम के घर बैठकर शराब पी और उसके बाद खेतों की ओर निकल गए। इसी दौरान बच्ची की मां उसे साथ लेकर गन्ने की पताई काटने खेत पर आई। पताई काटने के बाद मां-बेटी उसे लेकर घर लौट गईं। कुछ पताई खेत पर ही कटी पड़ी रह गई थी जिसे लेने बच्ची अकेले ही दोबारा खेत पर पहुंची तो मुरारी और उमाकांत ने उसे पकड़ लिया और खेत में अंदर ले जाकर उसके साथ रेप किया। रेप के बाद मुरारी के कहने पर दोनों ने बच्ची की हत्या कर दी।
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एसएसपी ने बताया कि मुरारी कुछ मनोविकृत प्रतीत हो रहा है। संभवत: इसी कारण बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचाई गई। उन्होंने बताया कि मुरारी गांव का बदनाम शख्स है। पुलिस ने जब गांव और आसपास के इलाकों के बदनाम लोगों के बारे में छानबीन की तो मुरारी का भी नाम सामने आया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामला खुल गया। मुरारी की निशानदेही पर पड़ोस के गांव से बच्ची की लाल रंग की सलवार बरामद की गई है। दूसरे आरोप को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। वह हत्या के दिन से ही घर से गायब है।  

बच्ची के गुनहगार मुरारी का कबूलनामा
शुक्रवार को दो बजे पताई लेकर गन्ने के खेत से जब बच्ची लौट रही थी तो मेरी नजर पड़ी। हम नशे में थे। उमाकांत से मैंने जब बच्ची के साथ बुरा काम करने की बात कही तो उसने भी हामी भरी। फिर हम दोनों ने ही बच्ची को पकड़कर खेत में खींच लिया। वह हाथ पैर मार रही थी और चिल्लाने की कोशिश की तो मुंह दबा दिया। नशे में धुत उमाकांत ने पहले बच्ची से रेप किया। इसके बाद मैंने। न जाने क्या हो गया कि मैं अपना होश खो बैठा और बच्ची के नाजुक अंगों पर हमला करने लगा। इसी खींचतान में उसे कुछ चोट भी आई। उमांकात का हाथ जैसे ही बच्ची के मुंह के हटा तो उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पर मैंने बच्ची का मुंह दबाया और उमाकांत ने गला दबा दिया। मैं डर रहा था कि गांव का होने की वजह से बच्ची ने उसे पहचान लिया होगा। रेप के बाद वह घर जाकर उसका नाम भी परिवार वालों को बता सकती है। बच्ची की मौत के बाद मैं उमाकांत के साथ गांव में चला गया। गांव में जैसे ही बच्ची के साथ रेप और हत्या का शोर मचा तो मैं अनजान बनकर गांव में ही बना रहा। उमाकांत डर की वजह से गांव से भाग गया।  

इस तरह दरिंदे तक पहुंची पुलिस
बरेली। नवाबगंज में बच्ची के गैंगरेप के बाद हत्या की घटना को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गंभीरता से लेने पर आला अफसर भी सक्रिय हो गए। आईजी विजय सिंह मीना और डीआईजी आशुतोष कुमार के साथ एसएसपी आरके भारद्वाज ने खुद ही घटना की मानीटरिंग शुरू कर दी। एसएसपी छुट्टी से लौटकर सीधे नवाबगंज पहुंचे और एसपी क्राइम और एसपी देहात को घटना का खुलासा करने में लगा दिया। पुलिस को पहले ही दिन से यह लग रहा था कि घटना को किसी आसपास के ही व्यक्ति ने अंजाम दिया है। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने टीमों को सबसे पहले ऐसे लड़कों की तलाश में लगा दिया, जिनकी आम शोहरत अच्छी नहीं है। 24 घंटे के अंदर पुलिस की टीमों ने बच्ची के गांव के  मुरारी गंगवार समेत ऐसे सात लड़कों की तलाश करके अफसरों को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस के आला अफसरों ने उनमें से एक-एक करके पूछताछ की तो मुरारी गंगवार ने अपना जुर्म कुबूल करके दोस्त का नाम भी बता दिया।


आईजी ने दिया इनाम
बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या करने के लिए एसएसपी ने अपनी टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी की मेहनत की वजह से ही कम समय से बरेली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। गैंगरेप कर बच्ची की हत्या करने वाले अज्ञात थे। यह टीमों की मेहनत का ही नतीजा है कि दोनों के नाम सामने आ गए। आईजी विजय सिंह मीना ने घटना का खुलासा करने में मेहनत करने वाली टीमों को दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।  
एससी एसटी कमीशन ने तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
बरेली। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया से डीएम और कमिश्नर से नवाबगंज प्रकरण की रिपोर्ट तीन दिन में मांगी है। उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी से कहा है कि पिछले दो साल से बरेली मंडल में दलित उत्पीड़न और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो, इसके प्रयास किए जाए। ऐसे अपराधों में शामिल आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पैरवी में सख्ती की जाए। कोर्ट से सख्त सजा होने पर ही अपराधों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती करनी होगी।
 

पीड़ित परिवार को मिलेंगे डेढ़ लाख
बरेली। पीड़ित परिवार को डेढ़ लाख रुपये की तात्कालिक मदद दी जाएगी। यह राशि दलित उत्पीड़न होने के कारण दी जानी है। गैंगरेप के आरोपी पिछड़े वर्ग के हैं। ऐसे मामलों में केंद्र सरकार के दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत पीड़ित के परिवार को पहले फेज में डेढ़ लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं। शेष 50 हजार रुपये अदालत से आरोप सिद्ध होने के बाद दिए जाने का प्रावधान है। जिला प्रशासन ने इस राशि को प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

सड़क पर उतरे कांग्रेसी, पुलिस से झड़प
बिटिया के न्याय के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
बरेली। बिटिया के साथ दरिंदगी करने वालों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने रविवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। भीड़ बढ़ने पर पुलिस बुला ली गई इस पर कांग्रेसी ज्ञापन देने के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके लिए धरने पर बैठ गए। एसीएम पहुंचे तो उन्हें ज्ञापन देने से मना कर दिया। इस कारण पुलिस से कांग्रेसियों की झड़प भी हुई। हालांकि बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम को ही दिया गया।
प्रदर्शन से पहले सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में हुई सभा में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगा पाने में नाकाम साबित हो चुकी है। प्रदर्शन में पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय, महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम, प्रदेश सचिव अनुज गंगवार, शकुंतला जौहरी, डॉ. नीतू मेहरोत्रा, जियाउररहमान, किरन शिव, संगीता कौशल, रविंद्र सहारा, अभय शर्मा, मधु सिंह, डॉ. अलाउद्दीन खान आदि शामिल रहे
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