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एसओ भुता ने कोर्ट से मांगी तीन दिन की मोहलत

Sat, 25 Jun 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुशील कुमार ने एसओ भुता को अफजाल की जगह पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन की मोहलत दी है। एसीजेएम के न्यायालय में एसओ उपस्थित हुए लेकिन उन्होंने अभिलेख और जांच के लिए तथ्य जुटाने के लिए तीन दिन का समय मांग लिया है। वहीं दूसरी ओर इस प्रकरण के विवेचना अधिकारी रोशन सिंह को भी उसी दिन उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। एसओ भुता ने अदालत में कहा कि विवेचना अधिकारी रोेशन सिंह को सूचना नहीं पहुंच सकी थी, इसीलिए वह आज अदालत में उपस्थित नहीं हुए। 27 जून को अदालत में उपस्थित होने की सूचना उन्हें समय से पहुंचा दी जाएगाी, जिससे कि वह निर्धारित तारीख को अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकें। पुलिस का पक्ष मिलने के बाद ही इस बारे में अफजाल के नाम से जिला कारागार में बंद पुष्पेंद्र को अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में तलब किया जाएगा।
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एसएसपी के आदेश पर इस मामले में सीओ फरीदपुर ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। उन्होंने भी एसओ को अभिलेख और केस डायरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीओ के स्तर से की जा रही जांच आईओ और एसओ की रिपोेर्ट पर निर्भर है। उनका कहना है कि एक-दो दिन में अभिलेख का परीक्षण करने के बाद एसएसपी को जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
शमशाद पर शिकंजा कसने की तैयारी
अफजाल नाम का कोई व्यक्ति है भी या नहीं। इसकी तफ्तीश के लिए राजेंद्र नगर निवासी शमशाद पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। क्योंकि शमशाद ने ही शाहजहांपुर के झंडा मोहल्ला निवासी अफजाल के नाम से महेशपुरा निवासी पुष्पेंद्र को थाना भुता की पुलिस के हवाले किया था। साथ में अफजाल के नाम की वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस पेश किया था, जिसमें सौंपे गए व्यक्ति का फोटो लगा हुआ था। उसी आधार पर पुलिस ने अफजाल को अदालत में पेश किया और वहां से उसे जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी का मानना है कि इस प्रकरण में शमशाद की ओर से कोई गड़बड़ की गई होगी। इसीलिए उसी के खिलाफ धोखाधड़ी करने की कार्रवाई बनती है।
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शाहजहांपुुर में तो अफजाल पुत्र भूरे खां कोई नहीं
शाहजहांपुर के झंडा मोहल्ला निवासी जिस अफजाल पुत्र भूरे खां को जेल भेजा है। वहां इस नाम के पांच लोगों के नाम वोटर लिस्ट में तो हैं लेकिन उनमें भूरे खां किसी के पिता नहीं है। ऐसे में यह भी संदेह है कि पुलिस के पास जो वोटर आईडी है, वह भी फर्जी हो सकती है। जिसकी भी जांच कराई जा रही है। साथ में पेश किया ड्राइविंग लाइसेंस भी फर्जी प्रतीत हो रहा है। इसकी भी आरटीओ आफिस से पुष्टि कराई जाएगी।
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