बारातघर मालिक के परिवारीजनों ने शव रोड पर रखकर सवा दो घंटे बरेली-पीलीभीत हाइवे जाम रखा। परिवार वाले हत्या का मुकदमा दर्ज करने और मुल्जिमों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। सीओ के आश्वासन देने पर लोगों ने जाम खोला। जाम के दौरान राहगीरों को भारी दिक्कतें हुईं।
खंडसारी बारातघर के मालिक प्रेमपाल गंगवार का काहरान मोहल्ले में गयाप्रसाद के घर आना-जाना था। गयाप्रसाद जिस तिमंजिला मकान में रहते हैं शुक्रवार रात उसी छत से गिरकर प्रेमपाल की मौत हो गई। घर वालों का आरोप है कि प्रेमपाल को छत से फेंककर मारा गया है। भाई मुन्नालाल ने थाने में तहरीर भी दी थी। दूसरी तहरीर गयाप्रसाद की पत्नी ने दी थी। आरोप है घर में घुसकर उसके साथ प्रेमपाल अश्लील हरकतें कर रहे थे। वह नीचे जाकर सो गई। उसके बाद प्रेमपाल के गिरने की आवाज सुनाई दी।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम पांच बजे घर वालों ने प्रेमपाल का शव ले जाकर बरेली-पीलीभीत हाइवे पर ईंध जागीर की पुलिया के सामने रखकर जाम लगा दिया। इसका पता लगने पर एसएसआई मुकेश कुमार शर्मा और तहसीलदार मलखान सिंह पहुंच गए। उन्होंने भीड़ को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन लोग जाम खोलने को राजी नहीं हुए। परिवार वाले हत्या का मुकदमा दर्ज करने और आरोपी गयाप्रसाद व उसके साथियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। शाम करीब सात बजे सीओ नरेश कुमार ने रिपोर्ट लिखने और दो दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए और शव उठाकर घर ले गए।
गर्मी में बेहाल रहे राहगीर
सवा दो घंटे लगे जाम से पीलीभीत हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। कुछ लोग बरखन मार्ग और ईंध गांव की पुलिया से पहले के कच्चे मार्ग से निकलने के चक्कर में जहां तहां फंस गए। बरखन मार्ग पर भी वाहनों की लाइन लगी रही। वाहनों में बैठे लोगों को भीषण गर्मी में खासी परेशानी हुई।
कोट
तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तफ्तीश और सबूतों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
नरेश कुमार, सीओ नवाबगंज