नकटिया इलाके की रजा कॉलोनी में 66 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद शफी उर्फ चाचा की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद हत्यारे उनके ऊपर लिहाफ डालकर फरार हो गए। मौके से ब्लेड के टुकड़े मिले हैं जिसके बाद पुलिस का अनुमान है कि शफी को नशा देकर ब्लेड से उनकी गर्दन काट दी गई। शफी कोरियर एजेंसी में नौकरी करते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया है।
नकटिया पुलिस चौकी से चंद कदम दूर रजा कॉलोनी के आखिर में बिथरी चैनपुर के गांव सैदपुर लश्करीगंज में रहने वाले शेर खां का मकान है। शेर खां और उनके भाई रफीक का कोरियर का काम है। शेर खां के मकान के बाहरी कमरे में मुहम्मद शफी रहते थे जो शेर खां कोरियर के काम की लिखापढ़ी करते थे। कॉलोनी में शफी की चाचा के नाम से पहचान थी। मूलरूप से नबीनगर गांव के रहने वाले शफी करीब छह साल से शेर खां की नौकरी कर रहे थे। बुधवार रात को किसी ने शफी की उनके कमरे में ही गर्दन काटकर हत्या कर दी। बृहस्पतिवार सुबह कार से कोरियर ले जाने वाला ड्राइवर आमीन मकान पर पहुंचा तो शफी के कमरे का दरवाजा खुला मिला। अंदर घुसने पर आमीन ने देखा कि शफी की चारपाई के ऊपर लिहाफ पड़ा हुआ है और बिस्तर के आसपास खून बिखरा पड़ा था।
आमीन ने पहले शेर खां को बुलाया। इसके बाद सूचना दिए जाने पर इंस्पेक्टर कैंट रामवीर सिंह, एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने छानबीन की। एसपी सिटी ने बताया कि हत्या की वजह का अभी तक पता नहीं लग पाया है। मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है। किसी से दुश्मनी की बात भी अभी सामने नहीं आई है। शेर खां पर शफी की कुछ रकम बकाया है। कोरियर के काम में वह बिना कन्फर्म हुए किसी को सामान नहीं देते थे। इस वजह से उनकी कभी-कभार लोगों से नोंकझोंक हो जाती थी। हालांकि यह साफ है कि जिसने भी हत्या की, उसके लिए दरवाजा शफी ने ही खोला होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी शफी की हत्या धारदार हथियार से किए जाने की पुष्टि हुई है। यानी साफ है कि ब्लेड से ही शफी को गर्दन काटकर मारा गया है।