फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कचहरी में हवालात के बाहर बंदी ने कर दी सिपाही की धुनाई

Fri, 01 May 2015 01:35 AM IST
बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
कचहरी परिसर में सत्र हवालात के पास एक बंदी अचानक आपा खो बैठा उसने न सिर्फ सिपाही को पीट दिया बल्कि उसका गला दबाने की कोशिश की। दूसरे सिपाहियों ने साथी सिपाही को किसी तरह बचाकर बंदी को हवालात के अंदर किया तो उसने दूसरे बंदियों के साथ हवालात में भी हंगामा खड़ा कर दिया। बंदियों का आरोप है कि सिपाही उनसे वसूली करते हैं जबकि सिपाही का कहना है कि सिगरेट पीने से रोकने पर उसने हमला बोल दिया। पहले सीओ सिटी और फिर एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने पहुंचकर बंदियों को समझाकर शांत किया। सिपाही की तरफ से बंदी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन

बुधवार की दोपहर करीब एक बजे सत्र हवालात में बंदियों के हंगामे की सूचना मिली तो कोतवाली पुलिस के साथ आला अफसर भी दौड़े। वहां पहुंचकर मालूम हुआ कि न्यायालय ड्यूटी में आए सिपाही राजवीर सिंह बृहस्पतिवार दोपहर अपने साथी नरेश कुमार, रामवीर, अहमद और मुर्तजा हसन के साथ सुभाषनगर के गांव अंगूरी निवासी बंदी रुखसत अली  के अलावा मोहसिन, आदिल, रघुवीर, वीरू और सुनील को पेशी से वापस ला रहे थे। रुखसत पंखिया जाति का शातिर अपराधी है और जानलेवा हमले के आरोप में जेल में है। रास्ते में रुखसत के परिवार के लोग उसे सामान देने लगे। सिपाहियों के मना करने के बावजूद रुखसत के परिवार वालों ने उसे सिगरेट भी दे दी। रुखसत पैकेट से सिगरेट निकालकर सुलगाई तो सिपाही राजवीर सिंह ने  उसकी सिगरेट छीनकर फेंकने की कोशिश की।
सिपाही राजवीर के मुताबिक इस पर रुखसत उनके साथ मारपीट करने लगा। फिर उनका गला दबाने की भी कोशिश की। दूसरे सिपाहियों ने उसे खींचकर अलग किया तो वह उनके साथ गाली-गलौज करने लगा। उधर राजवीर पर हमला होने के बाद सिपाहियों ने भी रुखसत को गिराकर पीटा। इसके बाद हवालात में बंद दूसरे बंदी भी हंगामा करने लगे। बंदियों का उत्पात करीब डेढ़ घंटे तक चला। बंदियों का आरोप था कि पुलिस रुपये लेकर हवालात में सुविधाएं मुहैया कराती है फिर भी उन्हें गंदा पानी पिलाया जाता है। जिस पानी से शौच करते हैं, वही पानी पीने को मजबूर किया जाता है। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी के सामने ही बंदियों ने पुलिस कर्मियों पर तमाम आरोप लगाए। उन्होंने आरोपी पुलिस कर्मियों की भी जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया तो वे शांत हो गए। सीओ सिटी प्रथम मुकुल द्विवेदी ने बताया कि सिपाही राजवीर सिंह की तरफ से बंदियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने और सरक ारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें