बरेली के फरीदपुर की एसिड अटैक पीड़ित मुस्कान का लखनऊ में इलाज चल रहा है तो दूसरी ओर उसके सास-ससुर और तीन साल की बेटी माही मुस्कान पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन में शामिल हुई हैं। एसिड अटैक फाइटर के बैनर तले पीड़ित युवतियों का शुक्रवार को शुरू हुआ अनशन शनिवार को भी जारी रहा। यहां इसमें कुछ नए चेहरे शामिल हो गए, वहीं नुक्कड़ नाटक के जरिये इनकी बात जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
पीड़ित युवतियों की प्रमुख मांग है कि तेजाब की खुलेआम होने वाली बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तत्काल अमल हो। उनके आरोपियों को सजा दी जाए तो सरकार से मिलने वाली सहायता भी प्राथमिकता से दिलाई जाए। मुहिम में शामिल बरेली निवासी मुस्कान की कहानी बेहद दर्दनाक है। उसका लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी बेटी माही अपने दादा सीताराम कश्यप और दादी तारा देवी के साथ जंतर-मंतर पर अपनी मां के लिए इंसाफ की गुहार लगाने आई हैं। उन्होंने बताया कि जमीन के विवाद के चलते दबंगों ने मुस्कान को निशाना बनाया। संस्था के पदाधिकारियों को मुस्कान के ससुर सीताराम कश्यप ने बताया कि तेजाब फेंकने के तीन आरोपियों को फरीदपुर थाना पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही। इनमें एक आरोपी सत्तापक्ष से जुड़ा है। तब संस्था ने राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यालय में संपर्क किया। सीताराम की ओर से दिए गए पत्र को उन्होंने कार्यालय में दिया है। सीताराम ने बताया कि सोमवार को आयोग की अध्यक्ष से मिलवाने का आश्वासन मिला है।