थाना भुता इलाके में लिखे गए एक्सीडेंट के मामले में ही विवेचक ने खेल कर दिया। छोटी कार के बदले उन्होंने बोलेरो को बंद करके चालक का चालान कर दिया। मामले की जांच करके सीओ ने भी गोलमोल रिपोर्ट डीआईजी को भिजवा दी। हालांकि डीआईजी सीओ की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है।
22 नबंर 2015 को सड़क हादसे में भुता थाने के मुड़िया जागरुप गांव के रहने वाले अनिल कुमार जख्मी हो गए थे। मामले में उनके परिवार के मनोज कुमार ने एक्सीडेंट का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में वादी ने कार का जो नंबर लिखवाया था। पुलिस ने उसे कब्जे में नहीं लिया। बल्कि यूपी-25 क्यू 8111 नंबर की बोलेरो के साथ गुलजार उर्फ गुरुदयाल सिंह निवासी भुता का चालान कर दिया। मनोज ने डीआईजी से शिकायत करके बताया कि उसके लिखाए गए मुकदमे की विवेचना करने वाले उप निरीक्षक अरविंद सिंह ने गलत नंबर की कार को बंद कर दिया। इसके लिए उन्होंने आरोपी पक्ष से मोटी रकम ली है। जिस कार से एक्सीडेंट हुआ है, उसने पुलिस से मिलकर यह खेल कराया है। डीआईजी के आदेश पर एसएसपी आरके भारद्वाज ने सीओ फरीदपुर से मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सीओ ने कोई बात स्पष्ट नहीं की। डीआईजी के यहां एसएसपी के माध्यम से आई रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है।
एक्सीडेंट के मामले में दूसरी कार के साथ मुल्जिम को जेल भेजने की शिकायत सामने आई है। इस मामले की सीओ से जांच कराई गई थी। सीओ की जांच की समीक्षा की जा रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी-आशुतोष कुमार, डीआईजी