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हत्या से पहले पुजारी छोड़ रहे थे मंदिर, वीडियो वायरल

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हत्या से पहले पुजारी छोड़ रहे थे मंदिर, वीडियो वायरल
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बरेली।
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सैदपुर कुर्मियान स्थित शिव मंदिर के पुजारी रामदास मंदिर छोड़कर जाना चाहते थे। अपना सामान बांधकर उन्होंने कमरे में ताला तक लगा दिया था, लेकिन इसकी भनक गांव के कुछ लोगों को लगने के बाद उन्हें जाने नहीं दिया गया। बाकायदा उनकी मंदिर से जाने की कोशिश और ताला तोड़कर कमरे में वापस जाने की वीडियो भी तैयार की गई। यह वीडियो हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी पुलिस के हाथ लगी है, जिसे जांच में शामिल किया गया है।
करीब 23 दिन पहले हुई पुजारी रामदास हत्या की गुत्थियां सुलझती नजर आ रही हैं। मंदिर की कीमती सात बीघा जमीन पर कब्जे के लिए पुजारी की हत्या की पटकथा पहले ही रची जा चुकी थी। शायद इसका अंदाजा पुजारी को भी हो चुका था। यही वजह है कि उन्होंने हत्या से एक दिन पहले अपना सामान बांधकर मंदिर छोड़ने की तैयारी कर ली थी। उन्हें पता था कि मंदिर की कीमती जमीन पर कब्जे के लिए कुछ रसूखदार लोग सक्रिय हो चुके हैं, लेकिन गांव के लोगों के जुटने के बाद मंदिर से उन्हें जाने नहीं दिया गया। गांव के कुछ लोगों ने इसका वीडियो तैयार किया, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि पुजारी के कमरे में एक ताला डालकर उनके हाथ में कुछ लोग ईंट देकर कह रहे हैं कि वह कमरे का ताला तोड़कर अंदर जाएं। दिखावे के लिए ही सही पुजारी ने कुंडी पर लगे ताले पर ईंट मारी और लोगों ने ताला हटा दिया, इसके बाद पुजारी अंदर चले गए। सवाल उठता है कि इस ड्रामे की जरूरत क्या थी।
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मंदिर में पूजा नहीं हो रही
हत्या के बाद भी मंदिर को लेकर सियासत कम नहीं हुई है। सावन के बाद कृष्ण जन्माष्टमी पर जब गांव के कुछ लोग पूजा की तैयारी कर रहे थे तो एक पक्ष ने पहुंचकर कह दिया कि शोक सभा होगी। मंदिर में कोई पूजा नहीं होगी, लेकिन उस दिन शोक सभा भी नहीं की गई। मंदिर परिसर में हत्या होने के बाद पूजा-अर्चना नहीं हो रही है।

सौ से ज्यादा लोगों से जूते की पहचान करवाई
हत्या के बाद पुजारी के कमरे से एक छह नंबर का जूता बरामद हुआ। पुलिस ने दो गांव के सौ से ज्यादा लोगों से जूते की पहचान करवाई, लेकिन कोई इस जूते का पहचानने को तैयार नहीं है। हालांकि इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि कातिल ने गुमराह करने के लिए जूता वहां रख दिया हो।

झूठी तहरीर पर दर्ज करवाई थी एफआईआर
शिव मंदिर में केसरपुर गांव निवासी रामदास सात साल से पूजा करा रहे थे। मंदिर और उसकी संपत्ति की देखभाल मौजूदा प्रधान कुलदीप पटेल और उनके पिता पूर्व प्रधान जगदीश पटेल करते आ रहे हैं। पुलिस जांच के के मुताबिक, जमीनों पर कब्जे के लिए पुजारी की हत्या की गई। दिलचस्प पहलू यह भी है कि गांव के तीन लोगों ने पुजारी के नाम से तहरीर थाने में पहुंचाकर मौजूदा प्रधान के पिता जगदीश पटेल, प्यारेलाल और इंद्रेश पर गेहूं काटकर चोरी करने का मुकदमा दर्ज करवाया था। तत्कालीन इंस्पेक्टर केपी सिंह ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुजारी से पूछताछ की, सामने आया कि उन्होंने कोई तहरीर नहीं भिजवाई थी।
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हत्याकांड में कई अहम बातें सामने आई हैं। कुछ वीडियो सामने आए हैं। जांच जारी है। हत्याकांड का खुलासा करके जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
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