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पोस्टमार्टम हाउस पर महिला अस्पताल के डॉक्टर की पिटाई

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बदायूं। इंदिरा चौक के पास स्थित डॉ. बीआर गुप्ता के अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरी महिला पूजा के परिवार वालों ने महिला अस्पताल में तैनात डॉ. हाकिम सिंह को पीट दिया। उनके साथ खींचातानी कर दी, जिससे उनकी शर्ट के बटन तक टूट गए। डॉक्टर ने महिला के परिवार वालों के खिलाफ तहरीर दी है।
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मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पूजा के शव का पोस्टमार्टम हो रहा था। इसके लिए इस्लामनगर स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. नीरज भारती और बिसौली स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. सुशांत बनर्जी आए थे। अंदर वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम चल रहा था। दोनों डॉक्टर अंदर थे। उसी वक्त महिला अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. हाकिम सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वह सीधे जाकर डॉक्टर के केबिन में बैठ गए। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर एक अन्य व्यक्ति को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उनके हाथ में एक बैग था। वह लगातार चैन खोल रहे थे बंद कर रहे थे। इस पर लोगों ने उन्हें टोक किया, तभी डॉक्टर लोगों को धक्का देते हुए बाहर निकलने लगे। इस पर लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। काफी खींचातानी हो गई, इससे डॉक्टर की शर्ट के सारे बटन टूट गए। उनके मुंह से खून तक निकल आया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे डॉक्टर को बचाया और थाने ले जाया गया। डॉक्टर ने महिला के परिवार वालों के खिलाफ तहरीर दी है। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर पैनल में भी नहीं थे। वह डॉ. बीआर गुप्ता की ओर से रुपये लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने के लिए गए थे। उन्हें टोका गया तो उन्होंने लोगों से हाथापाई शुरू कर दी।

डॉक्टर नया, ...लापरवाही तो होनी थी
-डॉ. बीआर गुप्ता के मुताबिक उनके बेटे डॉ. अनमोल गुप्ता करीब एक माह से क्लीनिक पर बैठ रहे हैं। जानकारों की माने तो अनमोल गुप्ता युवा डॉक्टर हैं। उन्हें प्रैक्टिस करते हुए इतना समय भी नहीं हुआ है कि वह स्वयं किसी केस को अकेले संभाल लें। वहीं यह भी जरूरी नहीं कि पथरी के ऑपरेशन में वेंटिलेटर की जरूरत पड़े परंतु पूजा के ऑपरेशन के बाद ऐसा क्या हुआ, जिससे उसे वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। महिला के परिजन का यह भी कहना है कि यदि डॉक्टर के यहां वेंटिलेटर नहीं था तो पहले बताना चाहिए था। यह बात भी कहीं न कहीं लापरवाही की पुष्टि कर रही है।
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- मैं पैनल में नहीं था। मैं एक व्यक्ति से मिलने पोस्टमार्टम हाउस गया था, तभी मेरे साथ महिला के परिवार वालों ने मारपीट शुरू कर दी। मेरे साथ बहुत गलत हुआ है। इस मामले में तहरीर दे रहे हैं। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
डॉ. हाकिम सिंह, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल

- महिला का ऑपरेशन मेरे बेटे डॉ. अनमोल गुप्ता ने किया था। वह सर्जन है। ऑपरेशन के बाद वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है। हमारे पास वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। इससे महिला को बरेली हॉस्पिटल रेफर किया गया था। उसकी मौत कैसे हुई, हम नहीं बता सकते।
डॉ. बीआर गुप्ता, रामा क्लीनिक

- मेरे साथ एक और डॉ. नीरज भारती पैनल में महिला का पोस्टमार्टम कर रहे थे। हम लोग अंदर रूम में थे। जहां वीडियोग्राफी भी हो रही थी। हमने कभी डॉ. हाकिम सिंह को नहीं देखा और न ही कभी पहले मिले हैं। वह पोस्टमार्टम हाउस क्यों आए और किससे मिलने आए थे। हमें नहीं पता, यह तो वही जाने।
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डॉ. सुशांत बनर्जी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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