नवाबगंज (बरेली)। अग्रिम अपहरण और हत्याकांड का मास्टरमाइंड सुमित शनिवार को जेल भेज दिया गया। जेल जाते समय सुमित अपनी मां से लिपटकर खूब रोया। खुद को बेगुनाह बताया।
बीसलपुर के शिक्षक चंद्रप्रकाश 28 अप्रैल को नगर के बरातघर में पत्नी रुचि और चार साल के बेटे अग्रिम के साथ विवाह समारोह में आए थे। उनके एक छात्र सुमित की बहन रूबी की शादी थी। बरातघर से अपहृत कर आठ किलोमीटर दूर एक गांव में अग्रिम की हत्या कर दी गई। इसमें मुख्य आरोपी सुमित का चचेरा भाई पीलीभीत का ही गांव दियोरिया कलां निवासी सुनील निकला। उसे रिमांड पर लेकर शुक्रवार को हुई पूछताछ में सामने आया कि घटना का सूत्रधार सुमित था। सुमित ने उससे कहा था कि अग्रिम ज्यादा समझदार हो गया है, इसे रास्ते से हटाना है। कहा कि तुम इसे ले जाकर मार दो, मैं फिरौती के रूप में बड़ी रकम दिलवा दूंगा। उस रकम को बांट लेंगे। तब सुनील ने इस घटना को अंजाम दिया। कई दिन से साक्ष्य जुटाने में असफल नवाबगंज पुलिस को इसी बयान की जरूरत थी। पुलिस ने शुक्रवार को ही सुमित को फिर हिरासत में ले लिया। शनिवार को उसे बालिग मानकर ही जेल भेजा गया। हालांकि वह हाईस्कूल का छात्र है और शैक्षिक अभिलेखों के हिसाब से नाबालिग हो सकता है। सुमित के जेल जाने पर अग्रिम के पिता शिक्षक चंद्रप्रकाश ने डीजीपी और मीडिया को धन्यवाद दिया।