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भाजपा विधायक के गांव में गोवंश के अवशेष मिले, एक हिरासत में

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जहानाबाद (पीलीभीत)। एक बार फिर पुलिस की निष्क्रियता के चलते गोमांस तस्कर सक्रिय हो गए हैं। एक दिन पूर्व पूरनपुर में छापा मारकर दो स्थानों पर गोहत्या की कोशिश करते दो तस्कर पकड़े गए थे। इसको गुडवर्क बताकर पुलिस पीठ थपथपाती रही, इधर तस्करों ने चुनौती देते हुए शहर भाजपा विधायक संजय सिंह गंगवार के पैतृक गांव कुकरीखेड़ा में वारदात कर डाली। इस गांव में गोवंश के अवशेष मिलने पर पुलिस के बड़े अफसर तो कार्रवाई के दावे करते रहे, जबकि इंस्पेक्टर जहानाबाद मनीराम सिंह ने गोवंश के अवशेष बरामद होने की घटना से ही इनकार कर दिया। इसमें जिस तस्कर का नाम सामने आ रहा है, उसे कुछ दिन पहले ही एक पूर्व सपा विधायक ने पुलिस से सिफारिश कर छुड़ाया था।
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जहानाबाद थाना क्षेत्र का कुृकरीखेड़ा गांव शहर विधायक संजय गंगवार का पैतृक गांव है। यह गांव हिंदू-मुस्लिमों के बीच पूर्व में हुए सांप्रदायिक विवादों को लेकर भी पुलिस रिकार्ड में अति-संवेदनशील है। रविवार रात गांव में एक झाले के पास अब्दुल लतीफ के खेत में गोवंश के अवशेष मिले। खेत मालिक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। रात में ही पुलिस गांव पहुंची और परीक्षण के बाद अवशेष दफन करा दिए। अवशेष गोवंश के निकले। इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को संदिग्धता के आधार पर धर दबोचा। उनको हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी घटना को स्वीकारते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते रहे। वहीं जहानाबाद इंस्पेक्टर इस घटना को सोमवार को भी छिपाते रहे। वह इस तरह का कोई मामला सामने न आने की बात कहते रहे। ऐसे में जहानाबाद पुलिस की कार्यशैली पर भी जनता का संदेह गहराने लगा है।
मासूम की बलि में भी फजीहत करा चुके हैं इंस्पेक्टर
कुकरीखेड़ा गांव में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना को छिपाने पर खाकी की फजीहत का सबब बने इंस्पेक्टर मनीराम सिंह का विवादों से पुराना रिश्ता है। दो माह पूर्व बीसलपुर कोतवाली में तैनाती के दौरान उन्होंने चार साल के मासूम अरुण की खजाने के लालच में बलि देने की घटना में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारियों से छिपाई थी। हत्या के इस संगीन मामले को वह तालाब में डूबने से मौत का बताकर हादसे में टाल गए थे। इस पर उनका जवाब तलब किया गया था। हालांकि बाद में अफसरों ने इंस्पेक्टर का बचाव कर उन पर कार्रवाई नहीं की।
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पूर्व विधायक का नाम भी चर्चा में
पुलिस छानबीन में एक शातिर तस्कर का नाम सामने आ रहा है। उसके बारे में चर्चा है कि तीन दिन पहले पुलिस ने गोहत्या की एक सूचना पर छापा मारा था। इसके बाद पुलिस ने इस तस्कर को पकड़ भी लिया। सूत्रों के अनुसार सपा के एक पूर्व विधायक उसकी सिफारिश में लग गए। इसके बाद पुलिस ने दबाव में उसको छोड़ दिया था। पुलिस विभाग में ये मामला पूरे दिन चर्चा में रहा।
छुट्टा बछिया बेच दी तस्करों को
कुकरीखेड़ा गांव में चार दिन पहले एक छुट्टा बछिया पहुंच गई थी। वह गांव की गलियों में घूमती रही। गांव के लोगों ने बछिया को पकड़ने के बाद उसे एक पेड़ से बांध दिया था। बाद में गांव के चौकीदार ने बछिया को अपने कब्जे में ले लिया। ये बछिया गांव के एक व्यक्ति को देखरेख के लिए तीन दिन पहले दे दी गई। जिस व्यक्ति को बछिया देखरेख के लिए दी गई थी, अब उसके पास बछिया नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों का मानना है कि अवशेष उसी बछिया के हैं। देखरेख करने के बजाय बछिया तस्करों के हाथ बेच दी गई।
विधायक बोले- तस्कर जिस भाषा में समझें, उसी में समझाए पुलिस
भाजपा के शहर विधायक संजय सिंह गंगवार का कहना है कि गोहत्या किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार इसको लेकर सख्त है। पुलिस को पूरी छूट है। दबाव में आने की जरूरत नहीं है। तस्कर जिस भाषा में समझना चाहते हैं, पुलिस उस भाषा में समझाए। किसी भी दल से जुड़ा व्यक्ति अगर तस्करों का संरक्षक बना है, तो उसके खिलाफ भी वह कार्रवाई कराएंगे। विधायक ने कहा कि जो लोग तस्करों के संरक्षक बने हुए हैं, उनके नाम सार्वजनिक होने चाहिए।
रविवार रात गोहत्या की सूचना पर पुलिस कुकरीखेड़ा गांव गई थी। मौके पर किसी तरह के अवशेष नहीं मिले हैं। पूछताछ के लिए हम एक युवक को लाए थे। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - मनीराम सिंह, इंस्पेक्टर जहानाबाद
जहानाबाद के कुकरीखेड़ा गांव में एक बछिया के अवशेष मिले हैं। सूचना पर पुलिस को गांव भेजा गया था। संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कराई जा रही है। प्रकरण में सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोहत्या के मामले में सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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- रोहित मिश्र, एएसपी
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