पीलीभीत। हरीपुर रेंज के खिरकिया बरगदिया मामले में हुई प्रथम दृष्टया जांच में मामला अवैध खनन का न होकर बिना अनुमति सड़क चौड़ीकरण का पाया गया है। फिलहाल टाइगर रिजर्व के डीडी ने हरीपुर रेंजर और वन दरोगा का स्पष्टीकरण तलब किया है। मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि सड़क किस विभाग की है और बिना अनुमति कैसे चौड़ी की जा रही थी। संबंधित विभाग के अफसर पर भी कार्रवाई हो सकती है।
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को हरीपुर रेंज के खिरकिया बरगदिया क्षेत्र में छापामारी की थी। छापामारी के दौरान मौके पर एक जेसीबी को जब्त की गई। दो आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया। इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें भेज दिया गया। इस मामले में जांच भी चल रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक प्रथम दृष्टया जांच में मामला जंगल में अवैध खनन का नहीं पाया गया है। जंगल में मार्ग के चौड़ीकरण करने की बात सामने आई है, लेकिन यह सड़क किस विभाग की है और बिना अनुमति कैसे जंगल क्षेत्र में बढ़ाकर चौड़ीकरण किया जा रहा है, इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में डीडी ने हरीपुर रेंजर राजकुमार शर्मा और एक वन दरोगा का स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीडी ने दो और उड़नदस्ता टीमें बनाई
टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा जंगल में आपराधिक गतिविधियों पर निगाह रखने को एक उड़नदस्ता टीम बनाई गई है। जिसमें नवनीत यादव समेत पांच लोग शामिल हैं। इधर डीडी नवीन खंडेलवाल में पीटीआर की सुरक्षा को लेकर दो और उड़नदस्ता टीमों का गठन किया है।
हरीपुर रेंज में अवैध मिट्टी खनन का मामला नहीं पाया गया है। बिना अनुमति सड़क चौड़ीकरण का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में जांच अभी चल रही है। हरीपुर रेंजर और एक वनदरोगा से स्पष्टीकरण तलब किया है।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व