मां की मौत के बाद बुआ के घर रह रही नौ साल की मासूम बच्ची की झोपड़ी में आग लगने से जिंदा जलकर मौत हो गई और बच्ची का फूफा भी झुलस गया। झोपड़ी में रखी आठ हजार की नकदी समेत हजारों का सामान जलकर राख हो गया। राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन शुरू कर दिया है।
वजीरगंज (बदायूं) के गांव नगरिया निवासी राजीव की पत्नी नीलम की एक साल पहले प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। नीलम अपने पीछे पांच साल की बेटी अंजलि को छोड़ गई थी। मां की मौत के बाद उसके पालन पोषण की समस्या आड़े आई तो नवाबगंज के गांव ठिरिया सैदपुर निवासी अंजलि की बुआ ईश्वरीवती ने उसे गोद ले लिया। ईश्वरीवती के पति शंकर लाल नवाबगंज में चौकीदार हैं और गांव में दो झोपड़ी डालकर रहते हैं। बुधवार रात ईश्वरीदेवी गांव में ही रिश्तेदार के घर संगीत कार्यक्रम सुनने गईं थी। घर पर एक झोपड़ी में ईश्वरी की 15 वर्षीय पुत्री जावित्री देवी, 14 वर्षीय नयन देवी और 17 वर्षीय पुत्र जसवीर सोए थे, जबकि पास में ही स्थित दूसरी झोपड़ी में चौकीदार शंकरलाल और उनकी गोद ली गई भतीजी अंजलि सोई थी। रात करीब दस बजे झोपड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे मासूम अंजलि और शंकर लाल झुलस गए। झोपड़ी में रखी आठ हजार की नकदी और सामान जलकर राख हो गया। झुलसी अंजलि और शंकर लाल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां अंजलि ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। ईश्वरीवती ने बताया कि उसकी झोपड़ी में रंजिशन किसी ने आग लगाई जिससे उसकी भतीजी की मौत हुई। उधर, सूचना पर नायब तहसीलदार गोपेश तिवारी ने राजस्व कर्मियों के साथ मौका मुआयना किया। चौकीदार को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया।