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बदायूं क्लब के सामने हथकड़ी से हाथ निकालकर आरोपी फरार

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बदायूं क्लब के सामने एक आरोपी भागने के बाद दूसरे आरोपी दीपक शर्मा को पकड़े खड़ा होमगार्ड। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। अलापुर थाने से अस्पताल ले जाए जा रहे दो आरोपियों में से एक बदायूं क्लब के सामने हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया। जानकारी पाकर इंस्पेक्टर अलापुर और म्याऊ चौकी इंचार्ज बदायूं क्लब पहुंचे। आरोपी को काफी तलाश किया गया लेकिन देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला। इस मामले में सिपाहियों और होमगार्ड पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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आरोपी सर्वेश पुत्र राजेंद्र अलापुर थाना क्षेत्र के गांव उनौला का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक उस पर दो मामले दर्ज हैं। उनमें एक चाकू और एक साइकिल चोरी का है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 11:30 बजे म्याऊ चौकी इंचार्ज धनंजय पांडेय और सिपाहियों ने सर्वेश को चाकू समेत पकड़ा था। इसके अलावा पुलिस ने गांव बुधवाई निवासी दीपक शर्मा पुत्र सुरेश चंद्र शर्मा को भी म्याऊ इलाके से चाकू के साथ पकड़ा था।
बृहस्पतिवार अपराह्न करीब तीन बजे दोनों आरोपियों को अस्पताल ले जाया जा रहा था। दोनों आरोपी हथकड़ी पहने हुए थे। उन्हें सिपाही देवेंद्र और होमगार्ड रामपाल निजी बस में बैठाकर अलापुर थाने से पुलिस लाइन चौराहे तक लाए। यहां से दोनों को पैदल ही बदायूं क्लब के सामने से होते हुए मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे। इसके बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया जाना था।
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बदायूं क्लब के सामने पहुंचते ही अचानक सर्वेश हथकड़ी से अपना हाथ निकालकर प्राइवेट बस स्टैंड की ओर भागा। सिपाही देवेंद्र भी उसके पीछे दौड़ा लेकिन वह आरोपी को नहीं पकड़ सका। आरोपी एक निजी बस में सवार होकर भाग गया। सूचना पर सिविल लाइंस, अलापुर इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह और म्याऊ चौकी इंचार्ज धनंजय पांडेय भी पहुंच गए। देर शाम तक आरोपी को तलाश किया जाता रहा लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ दातागंज प्रेमकुमार थापा को सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। आरोपी के भागने के संबंध में एफआईआर दर्ज की जा रही है।
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आरोपी को थाने से मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल और फिर कोर्ट में पेश करना था। रास्ते से वह हथकड़ी से अपना हाथ निकालकर भाग गया। इस मामले की जांच सीओ दातागंज को सौंपी गई है। इसमें सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और भागने वाले आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
आरोपियों को ले जाने में हर कदम पर बरती लापरवाही
बदायूं। अलापुर थाने से दोनों आरोपियों को शहर लाने में पुलिस ने हर कदम पर लापरवाही बरती। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए एक सिपाही और दूसरे बुजुर्ग होमगार्ड को जिम्मेदारी दी गई। जबकि उन्हें कोर्ट ले जाने में चार पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाने की सूचना है। वह दो पुलिसकर्मी कौन हैं, थाना पुलिस उनके नाम बताने से कतरा रही है। अब मौके पर मौजूद एक होमगार्ड और एक सिपाही को ही दोषी मान लिया गया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
सिपाही देवेंद्र और आरोपी सर्वेश की आंख मिचौली का खेल बदायूं क्लब के सामने शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिपाही और होमगार्ड दोनों आरोपियों को ऐसे ले जा रहे थे कि जैसे वे आरोपी नहीं उनके खास परिचित हों। बस से उतरने के दौरान आरोपी ने हथकड़ी ढीली कर ली थी। क्लब के सामने जैसे ही यह लोग पहुंचे, आरोपी हथकड़ी निकालकर प्राइवेट बस स्टैंड की ओर भागा। सिपाही भी उसके पीछे भागा। आरोपी एक बस के नीचे घुस गया। सिपाही उसके बस के नीचे से निकलने का इंतजार कर रहा था, तब तक आरोपी दूसरी ओर से निकलकर पुलिस लाइन चौराहे की ओर जा रही निजी बस में सवार हो गया और सिपाही देखता रह गया। अगर सिपाही तेजी से काम करता तो आरोपी पकड़ा जाता।
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आरोपी ने रास्ते में पी गांजा की बीड़ी
अलापुर थाना पुलिस ये मान रही है कि आरोपी नशेड़ी प्रवृति का है। इससे वह छोटे मोटे अपराध करता रहता है। चर्चा है कि जब आरोपियों को कोर्ट ले जाया जा रहा था तब उन्होंने रास्ते में गांजा भरकर बीड़ी पी थी। दूसरा आरोपी दीपक शर्मा भी नशे में प्रतीत हो रहा था।
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दो आरोपियों के साथ दो सुरक्षाकर्मी से बनी गफलत
आरोपी के पुलिस के चंगुल से भागने के मामले में व्यवस्था पर ही सवाल उठ रहे हैं। नियमानुसार दो आरोपियों को लेकर दो सुरक्षाकर्मी जा ही नहीं सकते। इसलिए न्यूनतम चार सुरक्षाकर्मियों की जरूरत होती है। ऐसे में पुलिस के कागजों में रवानगी के खेल से भी यहां पर्दा उठता नजर आ रहा है। चर्चा है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट ले जाने में दो और सुरक्षाकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई थी। थाने के रिकॉर्ड में भी इसी तरह की बातें हैं पर थाना पुलिस से लेकर अफसर तक कुछ बताने को तैयार नहीं है। इसलिए पुलिस दोनों ओर से फंसती नजर आ रही है। एक तो आरोपी भाग गया और दूसरा चार पुलिसकर्मियों के स्थान पर केवल दो ही उन्हें कोर्ट में पेश करने ले जा रहे थे। संवाद
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