बरेली। राधेश्याम एन्क्लेव में रहने वाले इंजीनियर दंपती के लिए शुक्रवार की रात काफी डरावनी गुजरी। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी मेन गेट पीटने का शोर मचा और कुछ ही देर बाद हाथ में लोहे का पाइप लेकर एक गुस्साया अजनबी घर के अंदर था। पति-पत्नी जब तक उसकी मंशा समझने की कोशिश करते, उसने गाली-गलौज और धमकियां देते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। बुरी तरह सहमे इंजीनियर दंपती ने किसी तरह सूचना दी तो पुलिस पहुंची, रायफल के निशाने पर लेकर उत्पात कर रहे युवक को काबू किया गया लेकिन थाने ले जाने के बाद शनिवार सुबह उसे छोड़ भी दिया गया। इंजीनियर दंपती इस अजीबोगरीब घटना के बाद बेहद दहशत में है।
बियावानी कोठी के पास राधेश्याम एन्क्लेव में रहने वाले इंजीनियरिंग कंसलटेंट राजीव मोहन और उनकी पत्नी साधना के घर पर यह हादसा शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे यह हादसा तब हुआ जब टीवी पर देश भर से नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा की खबरें आ रही थीं। राजीव मोहन के मुताबिक इसी दौरान किसी ने अचानक उनके लोहे के मेन गेट को पीटना शुरू किया। अचानक हुई इस घटना से वह चौंक गए। वह भांपने की कोशिश कर ही रहे थे कि गेट पर कौन है, इतनी ही देर में काफी ऊंचा और नुकीली सलाखों वाला गेट एक ही छलांग में फांदकर एक अजनबी उनके घर में घुस आया। इससे पति-पत्नी दोनों बुरी तरह दहशत में आ गए। कमरों के दरवाजे बंद करके अंदर की लाइटें बुझाने के बाद उन्होंने बाहर लॉन में लगी तेज लाइटें ऑन कर दीं और खिड़की से उसकी हरकतें देखनी शुरू कर दीं।
घर में घुसे शख्स ने चीखते-चिल्लाते हुए हाथ में थमे लोहे के पाइप से खिड़कियों के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए। उन्हें लगातार दरवाजा न खोलने पर जान से मारने की धमकियां भी देता रहा। उन्होंने फोन करके अपने परिचितों, पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पड़ोस के लोग भी घर से बाहर निकल आए। सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची तो उत्पात मचा रहा युवक एक बाथरूम में घुस गया। पुलिस ने उसके हमलावर तेवर देखते हुए रायफल दिखाकर उसे बाहर निकाला तो वह पुलिस वालों के पैर पकड़कर ड्रामा करने लगा। पुलिस उसे थाने तो ले गई लेकिन शनिवार सुबह होते ही उसे पागल बताकर छोड़ दिया। इस घटना के बाद इंजीनियर दंपती काफी दहशत में है।
आरोपी ने खुद को पिथौरागढ़ का निवासी बताया था लेकिन तस्दीक किया तो यह पता सही नहीं निकला। उसकी हरकतें पूरी तरह पागलों वाली थीं। उसने थाने के मुंशी रूम में भी गिलास तोड़ दिए और स्टाफ से बदसलूकी करता रहा। हवालात में भी उसे रखना मुश्किल हो गया। मानसिक मंदित मानकर उसे छोड़ दिया गया। - नरेश त्यागी, बारादरी इंस्पेक्टर
आरोपी काफी शातिर था। उसने एक ही छलांग में हमारा काफी ऊंचा गेट फांद लिया। अंदर भी उसकी हरकतें काफी हिंसक थीं। अगर हम लोग उसे बाहर मिल जाते तो जाने क्या होता। पुलिस ने उसका क्या किया, हमें नहीं पता। मगर पुलिस को ठीक से जांच करके कार्रवाई करनी चाहिए थी। - राजीव मोहन, इंजीनियर